पांडिचेरी विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक उत्सव में हिंदू देवी-देवताओं के ‘गलत’ चित्रण पर मामला दर्ज

पुडुचेरी. हाल में यहां पांडिचेरी (केंद्रीय) विश्वविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव के दौरान एक नाटक में हिंदू देवी-देवताओं का कथित रूप से आपत्तिजनक ढंग से चित्रण करने को लेकर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. कालापेट पुलिस ने इस नाटक का मंचन करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिनमें निर्देशक और पटकथा लेखक भी हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने 30 मार्च को इस नाटक के खिलाफ विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया था.
पांडिचेरी विश्वविद्यालय ने इस घटना की जांच शुरू की है.

विश्वविद्यालय के सूत्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय को मंचन कला विभाग द्वारा प्रस्तुत किये गये नाटक के खिलाफ शिकायत मिली है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक जांच समिति बनायी जा रही है. विश्वविद्यालय के प्रभारी रजिस्ट्रार ने सभी संबंधित पक्षों/लोगों से परिसर में शांति बनाये रखने में (विश्वविद्यालय) प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है. इस बीच, अभाविप ने 29 मार्च को विश्वविद्यालय में पेश किये गये नाटक के दौरान ‘रामायण’ के पात्रों का ‘विकृत एवं असम्मानजनक’ चित्रण करने का आरोप लगाया और इसकी निंदा की.

परिषद ने एक बयान में मांग की कि ”इस निंदनीय घटना के आलोक में, विश्वविद्यालय उन लोगों के खिलाफ त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई करे जिन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ा.” अभाविप ने कहा कि वह चाहती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ‘सोमायणम’ नामक इस नाटक के लेखक और निर्देशक को तत्काल बर्खास्त करे. उसने कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में यकीन करती है लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए तथा धार्मिक मान्यताओं एवं सांस्कृतिक संवेदनशीलता को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए.

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