केंद्र सरकार की ‘चीन नीति’ पूरी तरह विफल साबित हुई: कांग्रेस

हर कीमत पर चंदा लेने के लिए चुनावी बॉण्ड योजना को आगे बढ़ाया गया: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ‘चीन नीति’ पूरी तरह विफल साबित हुई तथा अब स्थिति यह हो गई है कि भारत ने पड़ोसी देशों में अपना असर और पकड़ खो दी है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री की चीन नीति पूरी तरह से विफल साबित हुई है. उनके कार्यकाल के दौरान, ”लाल आंख” दिखाना तो दूर, भारत ने पड़ोसी देशों में ज.मीन के साथ-साथ अपना प्रभाव और पकड़ भी खो दी है.” उन्होंने दावा किया कि एक तरफ चीन ने भारत में अपना निर्यात बढ.ाया है और दूसरी तरफ अरुणाचल प्रदेश में हमारी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा है और भूटान में घुसपैठ कर रहा है.

कांग्रेस नेता ने कटाक्ष करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री भले ही भाषणबाज.ी और चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाकर संतुष्ट हो लें, लेकिन ये पांच वास्तविक मुद्दे हैं जिनका हल निकालने में वह पिछले 10 सालों में नाकाम रहे हैं: भारत की ज.मीन पर चीन का क.ब्ज.ा, चीनी आयात पर बढ.ती निर्भरता, अरुणाचल प्रदेश में भारत की संप्रभुता का उल्लंघन, भूटान में चीन की घुसपैठ और मालदीव, बांग्लादेश और श्रीलंका में चीन के बढ.ते प्रभाव का नुक.सान.” उन्होंने दावा किया, ”चीन हमारे पड़ोसियों के साथ भारत के घनिष्ठ संबंधों को बिगाड़ने में कामयाब रहा है. 70 सालों में बेहद सावधानी के साथ पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते बनाए गए थे, लेकिन मोदी सरकार ने इसकी उपेक्षा की.”

प्रधानमंत्री ने देश में ‘टकराव वाले संघवाद’ पर अमल किया: कांग्रेस

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र का यह दावा ”सरासर झूठ” है कि कर्नाटक को सूखा राहत के लिए धन जारी करने में विलंब इसलिए हुआ कि राज्य सरकार ने प्रस्ताव तीन महीने देर से जमा किया था. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘टकराव वाले संघवाद’ अमल किया. रमेश ने कहा कि यह मुद्दा पहली बार उठाए जाने के आठ महीने बाद मोदी सरकार अब अपनी नि्क्रिरयता का बचाव करने के लिए कहानियां गढ. रही है.

कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ”प्रधानमंत्री ने मई 2014 में (प्रधानमंत्री के रूप में) अपनी पारी की शुरुआत ‘सहकारी संघवाद’ के बारे में बड़ी बात करके की थी. इसके बजाय, उन्होंने जो किया वह टकराव वाला संघवाद है.” उन्होंने दावा किया कि सहकारी संघवाद आम सहमति पर आधारित है, जिसके लिए प्रधानमंत्री ने एक अनिच्छा और अक्षमता प्रर्दिशत की है. कांग्रेस महासचिव ने कहा, ”इसके विपरीत, टकराव वाला संघवाद संघर्ष और विभाजन पैदा करने पर आधारित है, जो प्रधानमंत्री और उनके गृह मंत्री का मूल कौशल है.” रमेश ने कहा कि कर्नाटक के 236 तालुकों में से 223 सूखे के प्रभाव से जूझ रहे हैं, 123 में गंभीर सूखे की स्थिति है.

उन्होंने कहा, ”कर्नाटक को मुआवजे के तौर पर 17,900 करोड़ रुपये की जरूरत है और किसानों की 35,000 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हो गई है. इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए केंद्र ने आज तक एक भी रुपया जारी नहीं किया है.” कांग्रेस नेता का कहना था, ”गृह मंत्री अमित शाह अब दावा कर रहे हैं कि सूखा निधि जारी करने में देरी इसलिए हुई क्योंकि राज्य सरकार ने तीन महीने देरी से प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. यह सरासर झूठ है. कर्नाटक सरकार ने 22 सितंबर, 2023 को सूखा राहत के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था.” उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए 10 सदस्यीय केंद्रीय अध्ययन दल ने पिछले साल पांच से नौ अक्टूबर के बीच कर्नाटक का दौरा किया था और 20 अक्टूबर को एक रिपोर्ट सौंपी थी.

हर कीमत पर चंदा लेने के लिए चुनावी बॉण्ड योजना को आगे बढ़ाया गया: कांग्रेस

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि हर कीमत पर चंदा वसूलने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चाह के चलते चुनावी बॉण्ड योजना को आगे बढ़ाया गया जिसकी कीमत पूरे देश को चुकानी पड़ी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इस मामले में हर गुजरते दिन के साथ भ्रष्टाचार और स्पष्ट होता जा रहा है.

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”चुनावी बॉण्ड मामले में चार मुख्य तरीकों से भ्रष्टाचार हुआ है. हर गुज.रते दिन के साथ ऐसे उदाहरण सामने आ रहे हैं जिनसे भ्रष्टाचार की और अधिक स्पष्ट रूप से पुष्टि होती है.” रमेश ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रोत्साहन से हुए इस भ्रष्टाचार ने पूरे देश को अपने चपेट में ले लिया है.

उनका कहना था, ”सात वर्षों (2016-17 से 2022-23) में कर अदायगी के बाद नकारात्मक या लगभग शून्य लाभ वाली 33 कंपनियों ने भाजपा को 434.2 करोड़ का चंदा दिया. इन 33 कंपनियों का कुल शुद्ध घाटा एक लाख करोड़ रुपये से अधिक था. इन 33 कंपनियों में से 16 ने कुल मिलाकर शून्य या नकारात्मक प्रत्यक्ष कर का भुगतान किया है. ऐसी आशंका है कि इन 33 कंपनियों में से अधिकतर धनशोधन के उद्देश्य से बनाई गई शेल (फर्जी) कंपनियां हैं.” रमेश ने दावा किया कि भाजपा को छह ऐसी कंपनियों द्वारा 601 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जिनका 2016-17 से 2022-23 तक कुल मिलाकर सकारात्मक शुद्ध लाभ था, लेकिन उनका चुनावी बॉण्ड का चंदा उनके कुल शुद्ध लाभ से काफ.ी अधिक है.
उन्होंने आरोप लगाया, ”जब मोदी सरकार द्वारा पहली बार चुनावी बॉण्ड योजना शुरू की गई थी, तब रिजर्व बैंक ने धनशोधन के लिए इसके इस्तेमाल होने की आशंका को लेकर चिंता जताई थी. लेकिन हर क.ीमत पर चंदा हासिल करने की भाजपा की चाह ने इस दूरदर्शी सलाह पर ध्यान दिए बिना इस स्कीम को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर किया और पूरे देश को इसकी क.ीमत चुकानी पड़ी.”

Related Articles

Back to top button