‘चंद्रयान 3’ के रोवर ‘प्रज्ञान’ ने वह काम कर दिया है जो इससे अपेक्षित था: इसरो प्रमुख

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 28 Sep 2023 07:22 PM
‘चंद्रयान 3’ के रोवर ‘प्रज्ञान’ ने वह काम कर दिया है जो इससे अपेक्षित था: इसरो प्रमुख
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वेरावल. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ के रोवर ‘प्रज्ञान’ ने वह काम कर दिया है जो इससे किये जाने की अपेक्षा की गई थी और यदि यह वर्तमान नि्क्रिरय अवस्था (स्लीप मोड) से सक्रिय होने में विफल रहता है तो भी कोई समस्या नहीं होगी.

वह गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर दर्शन करने गये थे और इसके बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी अब एक्सपीओसैट या एक्स-रे पोलरिमीटर उपग्रह प्रक्षेपण के लिए तैयारी कर रही है और यह प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जा सकता है.

चंद्रमा पर वर्तमान में ‘प्रज्ञान’ के सुप्तावस्था या नि्क्रिरय अवस्था में होने की स्थिति पर इसरो प्रमुख ने कहा कि चंद्रमा पर तापमान शून्य से लगभग 200 डिग्री सेल्सियस नीचे जाने पर अत्यधिक प्रतिकूल मौसम के कारण इसके इलेक्ट्रॉनिक र्सिकट यदि क्षतिग्रस्त नहीं हुए हैं, तो यह फिर से सक्रिय हो जायेगा.

उन्होंने कहा, ”यदि यह सक्रिय नहीं हुआ तो भी ठीक है क्योंकि रोवर ने वह काम कर दिया है जो इससे करने की अपेक्षा की गई थी.” इसरो ने पिछले सप्ताह कहा था कि चंद्रमा पर सुबह होने के साथ ही ‘चंद्रयान-3’ के सौर ऊर्जा से संचालित लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ के साथ संपर्क स्थापित कर इन्हें फिर से सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है ताकि वे वैज्ञानिक प्रयासों को जारी रख सकें.
चंद्रमा पर रात होने से पहले, लैंडर और रोवर दोनों क्रमश? चार और दो सितंबर को नि्क्रिरय अवस्था में चले गये थे.

सोमनाथ ने आगामी मिशन के बारे में कहा कि इसरो अब एक्सपीओसैट या एक्स-रे पोलरिमीटर उपग्रह के लिए तैयारी कर रहा है.
उन्होंने कहा, ”यह एक्सपोसैट तैयार है और इसे हमारे पीएसएलवी रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा. हमने अभी तक किसी तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन इसका प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जा सकता है.” सोमनाथ ने कहा कि एक और मिशन ‘इन्सैट-3डीएस’ की भी तैयारी है, जो एक जलवायु उपग्रह है और जिसे दिसंबर में प्रक्षेपित किया जायेगा.

उन्होंने कहा, ”फिर हम एसएसएलवी डी3 का प्रक्षेपण करेंगे. जैसा कि आप जानते हैं यह हमारा लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान है. यह तीसरा प्रक्षेपण है. यह प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जायेगा. इसके बाद नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार या निसार की बारी आयेगी. इसे अगले साल फरवरी में प्रक्षेपित किया जायेगा.” उन्होंने कहा कि ‘गगनयान’ मिशन के परीक्षण यान ‘डी1’ का प्रक्षेपण अक्टूबर में किया जायेगा.

इसरो प्रमुख सोमनाथ ने सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस.सोमनाथ ने बृहस्पतिवार को गुजरात स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर जाकर पूर्जा अर्चना की एवं भविष्य में इसरो के अभियानों की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा. मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने मंदिर में ‘सोमेश्वर महा पूजा’ की और ‘यज्ञ’ में हिस्सा लिया.

गिर सोमनाथ जिले के वेरावल स्थित मंदिर परिसर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सोमनाथ ने कहा, ”चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग हमारा सपना था और भगवान सोमनाथ (शिव) की कृपा से हम यह करने में सफल रहे. भगवान सोमनाथ के आशीर्वाद के बिना हमें सफलता नहीं मिलती. इसलिए मैं यहां आया हूं और मेरा नाम भी भगवान के नाम पर है.” सोमनाथ ने कहा कि उन्होंने भगवान शिव से इसरो के भविष्य के अभियानों में सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा.

उन्होंने कहा, ”हमें अपने काम के लिए ताकत चाहिए. चंद्रमा पर लैंडिंग एक कार्य था. हमारे सामने कई और मिशन है जिसके लिए हमें ताकत की जरूरत है. इसलिए मैं यहां भगवान का आशीर्वाद लेने आया हूं.” श्री सोमनाथ ट्रस्ट के महाप्रबंधक विजयसिंह चावड़ा ने बताया कि मंदिर में इसरो प्रमुख ने ‘सोमेश्वर महा पूजा’ की. उन्होंने बताया, ”इसरो प्रमुख ने परिसर स्थित गणेश मंदिर में आयोजित ‘यज्ञ’ में भी हिस्सा लिया और उसके बाद वह चार किलोमीटर दूर स्थित भालका तीर्थ गए.” भालका तीर्थ के बारे में मान्यता है कि वहीं पर भगवान कृष्ण ने अपनी देह त्यागी थी.

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