नयी दिल्ली. कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा में आयोजित हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले रवाना होने का हवाला देते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष किया और कहा कि यह ”स्वयंभू विश्वगुरु” की ”हग्लोमेसी” (गले मिलने वाली कूटनीति) के लिए झटका” है.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की अमेरिका यात्रा का जिक्र करते हुए यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अमेरिका के इस रवैये पर चुप क्यों हैं? रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आठ अन्य देशों के साथ जी7 संपर्क बैठक शुरू होने से एक दिन पहले जी7 शिखर सम्मेलन छोड़ दिया है. इस सम्मेलन में भारत भी शामिल है. स्वयंभू विश्वगुरु की ‘गले मिलने की कूटनीति’ के लिए यह एक झटका है.” कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय या द्विपक्षीय कार्यक्रमों में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात के दौरान उनसे गले मिलने को लेकर कटाक्ष करती रही है और इसके लिए ‘हग्लोमेसी’ शब्द का इस्तेमाल करती रही है.
रमेश ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ”अब प्रधानमंत्री के लिए ढोल पीटने वाले और भाजपा की ट्रोल आर्मी के लिए इसे नकारना संभव नहीं रह गया है. जिस व्यक्ति के भड़काऊ, उकसावे भरे, और आपत्तिजनक बयानों का सीधा संबंध पहलगाम आतंकी हमलों से था, वह अब आधिकारिक रूप से वॉशिंगटन डीसी में मौजूद है.” उन्होंने सवाल किया, ”अब फिर से वही सवाल दोहराने की जरूरत है, जो हमने पहले भी उठाया था, आखिर अमेरिका क्या करना चाह रहा है, जो आसिम मुनीर को इस तरह से अपने यहां बुला रहा है? प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री पाकिस्तान को लेकर अमेरिका के बेहद आपत्तिजनक रवैए पर अब तक चुप क्यों हैं?”
मोदी सरकार में अच्छे दिन नहीं, बल्कि कर्ज वाले दिन आ गए : कांग्रेस
कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में “अच्छे दिन” नहीं, बल्कि “कर्ज वाले दिन” आ गए हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक ख.बर का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा जिसमें कहा गया है कि लोगों की बचत घट रही है और देनदारियां बढ. रही है.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “देश में लोगों की बचत घट रही है, कर्ज बढ. रहा है! इसका मतलब बड़ा स्पष्ट है कि एक तरफ महंगाई बढ. रही है, दूसरी तरफ लोगों की आय घट रही है. नतीजतन लोग अपना गुजारा करने के लिए या तो पहले से की गई बचत को निकलवा रहे हैं या कर्ज लेकर गुजर-बसर करने पर मजबूर हैं.” उनके अनुसार, कुल मिला कर बात यह है कि भारत में आम लोगों की आर्थिक स्थिति बेहद चिंताजनक है, लेकिन मोदी सरकार बिलकुल बेपरवाह है. रमेश ने दावा किया , “स्पष्ट बात है कि मोदी सरकार ने जो अच्छे दिन लाने का वादा किया था, उन अच्छे दिन के बजाय कर्ज वाले दिन आ गए हैं.”