पोर्ट ब्लेयर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि जनता नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वी. डी. सावरकर को भूल जाए. उन्होंने कहा कि लेकिन मोदी सरकार ह्लऐसा कभी नहीं होने देगीह्व.
भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी पहली यात्रा में, नड्डा ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अगले कुछ वर्षों में द्वीपसमूह एक ”महत्वपूर्ण परिवर्तनह्व का गवाह बनेगा.
उन्होंने कहा, ह्लकांग्रेस द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर (विनायक दामोदर) सावरकर को भुला दिया जाए, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ऐसा कभी नहीं होने देगी.”
नड्डा ने कहा, ह्लहमने कई पहल की हैं जैसे नयी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित करना और उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्रस्तावित स्मारक. मैं परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के नाम पर 21 द्वीपों का नाम रखने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण की भी सराहना करता हूं.ह्व उन्होंने कहा कि पोर्ट ब्लेयर में वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए र्टिमनल भवन के लिए लगभग 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
उन्होंने कहा, ह्लपिछली कांग्रेस सरकारों के तहत, द्वीपसमूह के लोग ऐसी परियोजनाओं से वंचित थे. इसलिए, कृपया भाजपा को इस महत्वपूर्ण लोकसभा सीट पर जीत दिलाने में मदद करके भारत के विकास का हिस्सा बनें.ह्व भाजपा ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की एकमात्र लोकसभा सीट पर कांग्रेस के मौजूदा सांसद कुलदीप राय शर्मा के खिलाफ बिष्णु पद रे को मैदान में उतारा है. इस सीट पर मतदान 19 अप्रैल को होगा.
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को ह्लघमंडियाह्व कहकर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि इसके ज्यादातर नेता ह्लया तो जेल में हैं या जमानत पर हैंह्व. उन्होंने कहा, ह्लवे सभी भ्रष्ट हैं और मोदी जी के खिलाफ जहर उगल रहे हैं क्योंकि उन्होंने देश से भ्रष्टाचार खत्म करने का संकल्प लिया है.ह्व उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने द्वीप के लिये कई विकासपरक गतिविधियां शुरू कीं.
नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने 2020 में द्वीपों को चेन्नई से जोड़ने वाली 1,232 करोड़ रुपये की लागत वाली पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर परियोजना शुरू की. उन्होंने दावा किया कि ग्रेट निकोबार में 73,000 करोड़ रुपये का ‘इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांस-शिपमेंट र्टिमनल’ या आईसीटीटी प्रोजेक्ट से रोजगार के लाखों अवसरों का सृजन होगा.