CRPF ने जवानों की संवेदनशील जानकारी चुराने वाले फर्जी ऐप के खिलाफ किया अलर्ट

नयी दिल्ली. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने 3.25 लाख से अधिक र्किमयों को एक “अनधिकृत” मोबाइल ऐप के खिलाफ सतर्क किया है और चेताया है कि यह जवानों के महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और संगठनात्मक विवरणों तक पहुंचने का प्रयास करके “गंभीर” सुरक्षा जोखिम पैदा करता है.

सीआरपीएफ ने कहा कि यह फर्जी ऐप है, जो उसके प्रामाणिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की नकल कर बनाया गया है. अर्द्धसैन्य बल की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शाखा द्वारा सोमवार को जारी एक परामर्श में कहा गया कि ‘संभव एप्लीकेशन राइटर’ नाम के इस ऐप का विज्ञापन व्हाट्सएप और यूट्यूब सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा रहा है. एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीआरपीएफ ने सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसियों से ऑनलाइन प्ले स्टोर से इस “अनधिकृत” ऐप को हटाने को कहा है, क्योंकि उसके द्वारा इसे “विकसित या अनुशंसित” नहीं किया गया है.

मूल ऐप का नाम ‘सीआरपीएफ संभव’ है और इसका इस्तेमाल उसके जवानों और सीआरपीएफ के अन्य र्किमयों द्वारा अपने व्यक्तिगत और प्रशासनिक विवरण जैसे वेतन, वित्त, छुट्टियां और स्थानांतरण के संबंध में पात्रता की जांच करने के लिए किया जाता है.

सीआरपीएफ के परामर्श में कहा गया है कि फर्जी ऐप गलत दावा कर रहा है कि यह उपयोगकर्ताओं (सीआरपीएफ र्किमयों) को ‘संभव’ ऐप पर अपलोड करने के लिए एक आवेदन तैयार करने में मदद कर सकता है, जिसके बाद उपयोगकर्ता अपनी फोर्स आईडी, यूनिट का नाम और अन्य व्यक्तिगत और आधिकारिक विवरण साझा करेंगे.

परामर्श में कहा गया है, “अनधिकृत ऐप के साथ ऐसी जानकारी साझा करने से गंभीर परिचालन सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है. इस (फर्जी) ऐप को डाउनलोड, इंस्टॉल या इस्तेमाल न करें.” सीआरपीएफ ने अपनी सभी इकाइयों और यूनिट कमांडरों को इस परामर्श का “सख्ती से अनुपालन” सुनिश्चित करने, तथा अन्य संचार माध्यमों के अलावा, सुबह और शाम के समय ड्यूटी पर मौजूद प्रत्येक जवान और र्किमयों को इसकी जानकारी देने के लिए कहा है.

सीआरपीएफ ने 3.25 लाख र्किमयों के लिए ‘बीएमआई अभियान’ शुरू किया

देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ ने मंगलवार को अपने तीन लाख से अधिक र्किमयों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने और उन्हें युद्ध के लिए तैयार रखने के लिए ‘बीएमआई अभियान’ शुरू किया. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कवायद दो चरणों में चलेगी और 31 अक्टूबर को समाप्त होगी. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक (डीजी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने यहां बल के मुख्यालय में इस अभियान का शुभारंभ किया.

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में 3.25 लाख कार्मिक हैं और इसे देश का प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल माना जाता है. इसके तीन मुख्य युद्ध क्षेत्र हैं – नक्सल रोधी, आतंकवाद रोधी और उग्रवाद रोधी अभियान. यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अन्य विशेष बलों में सबसे बड़ा है.

बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) यह जांचने का एक वैज्ञानिक तरीका है कि किसी वयस्क का वजन ठीक है या नहीं. इसकी गणना किसी व्यक्ति के किलोग्राम में वजन को उसकी ऊंचाई से विभाजित करके की जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशानिर्देशों के अनुसार, एक सामान्य बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच होता है.

महानिदेशक ने अधिकारियों और जवानों की एक सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान “दंडात्मक” नहीं है और इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस आह्वान का पालन करना है, जिसमें उन्होंने खान-पान और जीवनशैली में सुधार लाकर देश को रोगमुक्त और नागरिकों को स्वस्थ बनाने का आह्वान किया है. बयान में कहा गया है कि अभियान के पहले चरण में, सुरक्षा बल की चिकित्सा शाखा द्वारा सभी र्किमयों का बीएमआई दर्ज किया जाएगा.

बल ने कहा, ”निर्धारित मानक से अधिक बीएमआई वाले र्किमयों को आहार संबंधी मार्गदर्शन, शारीरिक व्यायाम और निगरानी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से तीन महीने की सहायता प्रदान की जाएगी.” उसने कहा कि प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए तीन महीने बाद एक और बीएमआई मूल्यांकन किया जाएगा. उसने कहा कि दूसरे चरण के तहत, इस अवधि के भीतर निर्धारित बीएमआई मानक प्राप्त करने में असमर्थ र्किमयों को बल के तीन निर्दष्टि विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में “संरचित” दिनचर्या से गुजरना होगा.
सीआरपीएफ ने कहा कि ये दिनचर्या अनुकूलित व्यायाम कार्यक्रमों और उचित पोषण संबंधी मार्गदर्शन पर केंद्रित होगी, ताकि उन्हें स्वस्थ वजन स्तर प्राप्त करने में मदद मिल सके.

सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एम दिनाकरन ने कहा कि अभियान के मुख्य उद्देश्य अनिवार्य रूप से त्रि-आयामी हैं. उन्होंने कहा, ”पहला, इसका उद्देश्य संगठन के भीतर स्वास्थ्य और फिटनेस के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है. दूसरा लक्ष्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम है और तीसरा मोटापे को नियंत्रित करके बल की युद्ध तत्परता बनाए रखना है.” उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, बीएमआई मूल्यांकन के दौरान मांसपेशियों और हड्डियों के घनत्व पर “उचित ध्यान” दिया जाएगा.
सीआरपीएफ ने कहा कि अभियान में भाग लेना 58 वर्ष से कम आयु के सभी र्किमयों के लिए “अनिवार्य” और 58-60 वर्ष के बीच के र्किमयों के लिए “स्वैच्छिक” है.

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