दिल्ली बम ब्लास्ट: उमर को नूंह लेकर गया… बहन के घर ठहराया; सफेदपोश आतंकी का सातवां मददगार शोएब गिरफ्तार

फरीदाबाद: लाल किले के पास हुए कार बम धमाके के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। NIA ने फरीदाबाद से शोएब नामक एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शोएब ने आतंकी उमर नबी को धमाके से ठीक पहले न केवल पनाह दी, बल्कि लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मुहैया कराया था। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या सात हो गई है।

घटनाक्रम और आरोपी की भूमिका

सूत्रों के अनुसार, शोएब की गिरफ्तारी के बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शोएब को पहले भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था और फिर छोड़ दिया गया था। हालांकि, ताजा खुलासों के बाद उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

यह भी बताया जा रहा है कि शोएब ही मुख्य आतंकी डॉक्टर उमर को मेवात और नूंह जैसे इलाकों में ले गया था। वहां पर डॉक्टर उमर शोएब की बहन की घर ही ठहरा था।
गिरफ्तारी का यह महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब एक अन्य गिरफ्तार आरोपी, डॉक्टर मुज्जमिल ने पूछताछ के दौरान शोएब के घर का खुलासा किया। डॉक्टर मुज्जमिल की निशानदेही पर NIA ने शोएब के घर से कुछ महत्वपूर्ण चीजें बरामद की हैं, जिनमें एक ग्राइंडर और अन्य सामग्रियां शामिल हैं।

यह माना जा रहा है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल बम बनाने या अन्य आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा सकता था। NIA वर्तमान में शोएब से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस आतंकी मॉड्यूल के अन्य सदस्यों और उनके नापाक इरादों का पता लगाया जा सके।

दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर 2025 को एक कार में हुए धमाका हुआ था। इस धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के बाहर हुए कार बम धमाके ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

घटना के तुरंत बाद NIA ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। NIA की सघन जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आतंकी उमर उन नबी, जो इस हमले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, को फरीदाबाद के धौज निवासी शोएब ने पनाह दी थी।

गिरफ्तारियों का क्रम

NIA ने इस मामले में पहले भी उमर के छह अन्य खास साथियों को गिरफ्तार किया था। शोएब इस मामले में गिरफ्तार होने वाला सातवां आरोपी है। इन गिरफ्तारियों से NIA को आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों, उनकी कार्यप्रणाली और उनके संबंधों को समझने में मदद मिल रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस आतंकी हमले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button