नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने लोकसभा चुनाव में 370 सीट जीतने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दावों को ”शेखी और अहंकार” बताकर खारिज कर दिया और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल के बाद वास्तव में ”पीड़ा और बदहाली” की स्थिति है. उन्होंने पंजाब में कांग्रेस की स्थिति को ‘बहुत अच्छी’ बताया.
तिवारी ने पिछले 10 साल में केंद्र सरकार के प्रदर्शन को लेकर भाजपा की आलोचना की. उन्होंने यह नहीं बताया कि वह लोकसभा चुनाव में किस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या वह आनंदपुर साहिब से चुनाव लड़ेंगे, कांग्रेस नेता ने बस इतना कहा, ”मैं आनंदपुर साहिब से सांसद हूं.” उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक साक्षात्कार में कहा कि आम चुनाव के लिहाज से कांग्रेस की पंजाब में ”बहुत अच्छी स्थिति” है.
तिवारी के भाजपा में शामिल हो सकने संबंधी अटकलों और अफवाहों को लेकर सवाल किए जाने पर कांग्रेस सांसद ने कहा, ”मैं अफवाहों पर प्रतिक्रिया देकर उन्हें तवज्जो नहीं देता.” उन्होंने कहा कि अटकलों के बीच संसद में उनके हालिया भाषण को सोशल मीडिया पर साझा किया जाना ”अपने आप में सब कुछ कहता” है.
तिवारी ने इस महीने की शुरुआत में संसद के बजट सत्र के दौरान मोदी सरकार के आर्थिक प्रदर्शन पर तीखा हमला किया था.
‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के आखिरकार एकजुट होने और हाल में आम आदमी पार्टी (आप) और समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ सीट साझा करने के समझौते पर मुहर लगने पर तिवारी ने कहा कि अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई है और इसलिए समय की कोई बाधा नहीं है.
यह पूछे जाने पर कि आक्रामक तरीके से चुनावी रणनीति पर काम कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तुलना में क्या ‘इंडिया’ गठबंधन तैयारी के मामले में पीछे रह गया है, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आखिरकार लोग मौजूदा सरकार का उसके 10 साल के प्रदर्शन के आधार पर आकलन करेंगे और ये चुनाव असल परीक्षा साबित होंगे.
उन्होंने जोर देकर कहा, ”लोगों को वोट देना है. जब तक चुनाव की घोषणा नहीं हो जाती, तब तक हर चीज करने का एक समय, एक स्थान और एक क्षण है.” कांग्रेस-आप गठबंधन को ”अप्राकृतिक” बताने वाले आलोचकों पर पलटवार करते हुए तिवारी ने कहा कि जब भाजपा ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा समाप्त करके उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया था और”पीडीपी नेताओं को जेल में भेज दिया था” उससे पहले भाजपा एवं पीडीपी के बीच जम्मू-कश्मीर में गठबंधन था. उन्होंने कहा, ”इसलिए जब ‘अप्राकृतिक गठबंधन’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है तो मुझे सुखद आश्चर्य होता है.” पंजाब में कांग्रेस और आप के हाथ नहीं मिलाने पर तिवारी ने कहा कि राजनीति में संभावनाओं की प्रधानता होती है.
उन्होंने कहा, ”जाहिर तौर पर आप किसी राज्य में (पंजाब में) सत्तारूढ़ प्रतिष्ठान और प्रमुख विपक्षी दल के एक साथ आने की उम्मीद नहीं करते. हर राज्य के लिए अलग-अलग मॉडल हैं.” यह पूछे जाने पर कि पंजाब में कांग्रेस की स्थिति कैसी है और क्या वह पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा अधिक सीट जीतेगी, तिवारी ने कहा कि पार्टी ”बहुत अच्छी स्थिति में है.” भाजपा के 370 सीट और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के 400 से अधिक सीट जीतने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा के दावे पर तिवारी ने कहा, ”शेखी और घमंड किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल के सबसे बड़े शत्रु होते हैं.”
यह पूछे जाने पर कि क्या अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा साबित होगा, कांग्रेस नेता ने कहा कि राजनीति, राजनीति होती है और धर्म, धर्म होता है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ”यदि आप दोनों को मिला देते हैं तो किसी भी राजनीति के स्वास्थ्य पर इसके बहुत हानिकारक परिणाम होते हैं. मेरी आस्था मेरी आस्था है. अयोध्या में बनाए गए मंदिर और भगवान राम के प्रति मेरे मन में सम्मान और श्रद्धा है, लेकिन मैं चकित हूं कि क्यों कोई मौजूदा सरकार अपने 10 साल के कार्यकाल में किए गए काम के आधार पर वोट नहीं मांगेगी.” उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के प्रमुख मुद्दे लोकतंत्र की रक्षा, महंगाई और बेरोजगारी हैं.