चेन्नई. अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार द्वारा ‘नीट’ मामले पर नौ अप्रैल को बुलाई गई बैठक केवल एक ‘ड्रामा’ है और इससे कोई मकसद हल नहीं होगा क्योंकि सत्तारूढ. पार्टी द्वारा इसे ‘रद्द’ न करवा पाने से लोगों में आक्रोश है. तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल नहीं होगी.
विपक्ष के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस बैठक में भाग नहीं लेगी, जो केंद्र द्वारा तमिलनाडु के नीट विरोधी विधानसभा विधेयक पर सहमति देने से इनकार करने के मद्देनजर बुलाई गई है. मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने चार अप्रैल को बताया था कि राज्य के लिए नीट परीक्षा से छूट की मांग करने वाला विधेयक अस्वीकार कर दिया गया है. इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था.
पार्टी की ओर से जारी एक बयान में पलानीस्वामी ने कहा कि स्टालिन और उनके बेटे एंव उपमुख्यमंत्री उदयनिधि ने 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘नीट’ परीक्षा को खत्म कराने का झूठा वादा किया था. उन्होंने दावा किया था कि वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को खत्म कराने का ‘राज’ जानते हैं और द्रमुक सरकार बनने के बाद पहला हस्ताक्षर इसी संबंध में किया जाएगा.
पलानीस्वामी ने हालांकि यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में घोषणा की थी कि राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजे गए विधेयक को अस्वीकार कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि स्टालिन ने ”द्रमुक के खिलाफ जनता के गुस्से और विरोध से निपटने के लिए बैठक बुलाई है, जिसने चार साल में नीट को रद्द करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है और 2026 में विधानसभा चुनाव भी होने हैं”, जहां सत्तारूढ. दल को लोगों का सामना करना है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”बुधवार को होने वाली इस बैठक से कोई हल नहीं निकलने वाला है. यह एक ड्रामा है. इसलिए अन्नाद्रमुक विधायक दल के नेताओं की बैठक में शामिल नहीं होगी.”