विभिन्न देशों से हिंदुओं का सफाया करने की कोशिश की जा रही हैं : आरएसएस नेता होसबाले

बेंगलुरु/हरिद्वार/नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबाले ने रविवार को दावा किया कि विभिन्न देशों से हिंदुओं का सफाया करने की कोशिशें की जा रही हैं और उन्होंने हिंसाग्रस्त बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यकों की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के क्षेत्रीय कार्यालय ‘धर्मश्री भवन’ के उद्घाटन के अवसर पर होसबाले ने कहा कि दुनिया के कई स्थानों पर हिंदुओं के मानवाधिकार चिंताजनक स्तर पर पहुंच गए हैं और इस संबंध में आवाज उठानी होगी. आरएसएस के दूसरे नंबर के नेता ने दावा किया कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हिंदू जिस देश में रहते हैं, उसके विकास में योगदान दे रहे हैं, वे नियमों और विनियमों का पालन करते हैं और शांति से रहते हैं, जो गर्व की बात है.

होसबाले ने कहा, ”फिर भी, विभिन्न देशों से हिंदुओं का सफाया करने की कोशिशें हो रही हैं. हम देख रहे हैं कि बांग्लादेश में क्या हो रहा है. भारत सरकार अपनी तरफ से कोशिश कर रही है.” आरएसएस नेता ने कहा, ”बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्धों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा की जानी चाहिए. हमें अपनी आवाज उठानी होगी. कई देशों में हिंदुओं के मानवाधिकार चिंताजनक स्तर पर पहुंच गए हैं.” उन्होंने दावा किया कि हिंदू किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं. सभा को संबोधित करते हुए विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने चारों दिशाओं में शत्रुतापूर्ण पड़ोसियों के कारण भारत के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों को रेखांकित किया तथा हिंदू एकता पर जोर दिया.

संतों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के संबंध में केंद्र से कदम उठाने को कहा
बांग्लादेश में हिन्दू समाज के साथ हो रहे अत्याचार पर साधु-संतों ने रविवार को गंभीर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से इस संबंध में ठोस कदम उठाने की मांग की और कहा कि जरूरत पड़ने पर संत समाज बांग्लादेश कूच करने को भी तैयार है. यहां अवधूत मण्डल आश्रम में साधु-संतों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और मंदिरों को तोड़ा जा रहा है .

उन्होंने कहा कि वहां हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं तथा उनके प्रतिष्ठानों को जलाया जा रहा है और उनकी हत्याएं की जा रही हैं. महामण्डलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने कहा कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले नहीं रूके तो भारत का संत समाज जरूरत पड़ने पर बांग्लादेश कूच के लिए भी तैयार है.

श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्री मंहत पुरी ने कहा कि इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाए और बांग्लादेश को कड़ी चेतावनी दे जिससे बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की. बैठक में महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि ने कहा कि बांग्लादेश की घटना से हिंदू समाज उद्वेलित है और आरोप लगाया कि चुन-चुनकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.

उन्होंने दावा किया कि महिलाओं व बालिकाओं के साथ बलात्कार कर उनकी हत्या की जा रही है. गिरि ने दावा किया कि हरिद्वार में भी बड़ी संख्या में रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुसलमान रह रहे हैं, उन्हें भी देश से बाहर किया जाना चाहिए अन्यथा वे देश के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं .

महामण्डलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश महाराज ने केंद्र को बांग्लादेश में हिंदुओं व मठ-मंदिरों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने को कहा. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना पूछा कि एक वर्ग विशेष से प्रेम का समय-समय पर इजहार करने वाले आज चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि भारत की मदद से फलने-फूलने वाले बांग्लादेश की नई पीढ़ी में जहर घोलकर भारत को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है जिससे केंद्र को सतर्क रहना चाहिए .

महामण्डलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी इस संबंध में मौन साधे बैठा है.
इससे पूर्व संतों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी भेजा और मामले में संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य मंचों पर बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का आग्रह किया .

माकपा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर चिंता जतायी

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो ने रविवार को बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की और मांग की कि देश की अंतरिम सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. माकपा पोलित ब्यूरो ने यह भी कहा कि भारत सरकार को बांग्लादेश के समक्ष यह मुद्दा उठाना चाहिए.

पार्टी ने एक बयान में कहा, ”माकपा पोलित ब्यूरो शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यक समुदाय पर कई हमलों की रिपोर्ट पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करता है.” बयान में कहा गया, ”यह स्पष्ट है कि बांग्लादेश में अराजक स्थिति के मद्देनजर कट्टरपंथी ताकतें अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बना रही हैं.” इसमें कहा गया, ”अल्पसंख्यकों, उनके घरों और पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम सरकार को तत्काल और ठोस कदम उठाने चाहिए.”

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