
तिरुवनंतपुरम. केरल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रमुख के. सुधाकरन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर केंद्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले व्यक्तियों की सूची से तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम बाहर रखने के पार्टी के फैसले पर बृहस्पतिवार को सवाल उठाया और कहा कि यह उनका ‘अपमान’ करने जैसा है. सुधाकरन ने कहा कि थरूर एक सक्षम नेता और पार्टी के निष्ठावान सदस्य हैं और इसलिए उनके विचार में तिरुवनंतपुरम के सांसद को दरकिनार करना सही नहीं है.
उन्होंने यहां एक टीवी चैनल से कहा, ”मेरा मानना है कि यह सब एक अनावश्यक विवाद था.” थरूर ने आतंकवाद पर पाकिस्तान के खिलाफ भारत का रुख रखने के लिए विदेश जाने वाले बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए केंद्र का निमंत्रण हाल में स्वीकार किया था. हालांकि इस उद्देश्य के लिए पार्टी द्वारा दिए गए नामों की सूची में उनका नाम नहीं था. उन्होंने अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में कोई राजनीति नजर नहीं आती. सांसद सुधाकरन ने कहा कि ऐसी अफवाहें थीं कि थरूर पार्टी छोड़ सकते हैं, लेकिन ये सच नहीं है.
केरल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने कहा, “मैंने उनसे बात की. मेरा मानना है कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे.” पार्टी के प्रदेश प्रमुख पद से हटाए जाने के बारे में सुधाकरन ने कहा कि अब उन्हें कुछ राहत मिली है और वह इससे आहत या दुखी नहीं हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीति से दूर नहीं रहेंगे और पार्टी को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगे.



