मुजफ्फरनगर/नयी दिल्ली. मुजफ्फरनगर जिले के एक निजी स्कूल में एक शिक्षिका के निर्देश पर एक छात्र को उसके सहपाठियों से थप्पड़ लगवाए जाने की घटना के पीड़ित की पहचान का खुलासा करने के आरोप में ‘आल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के खुब्बापुर गांव स्थित स्कूल की शिक्षिका तृप्ता त्यागी के निर्देश पर कक्षा-2 के एक छात्र के सहपाठियों ने उसे शुक्रवार को थप्पड़ मारा था. जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव सुमन ने बताया कि किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 74 के तहत मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. गांव के निवासी एवं शिकायतकर्ता विष्णु दत्त ने आरोप लगाया है कि जुबैर ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर बच्चे की पहचान का खुलासा किया.
शुक्रवार को शिक्षिका का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कक्षा-2 के एक मुस्लिम छात्र के कथित तौर पर गृह कार्य (होमवर्क) पूरा नहीं करने को लेकर उसके सहपाठियों द्वारा उसे थप्पड़ मारे जाते देखा जा सकता है. मामले के तूल पकड़ने के बाद शनिवार को पीड़ित छात्र के परिवार की शिकायत के आधार पर त्यागी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया गया.
त्यागी ने अपने बचाव में कहा कि मामले को सांप्रदायिक रंग देने के लिए वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है. उसने दावा किया कि वीडियो छात्र के चाचा ने शूट किया था. शिक्षिका ने कहा कि छात्र को उसके सहपाठियों से थप्पड़ लगवाना गलत था, लेकिन उसे ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि वह दिव्यांग हैं और वह अपना गृह कार्य नहीं करने वाले छात्र तक पहुंचने में सक्षम नहीं थीं.
रालोद प्रमुख ने पूछा, घटना को गैर सांप्रदायिक दर्शाने वाले भाजपा नेता क्या अपने बच्चों को ऐसे स्कूल में भेजेंगे
राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) प्रमुख जयंत चौधरी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे यह दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के एक स्कूल में शिक्षिका द्वारा अपने विद्यार्थियों को एक मुस्लिम सहपाठी को थप्पड़ मारने का आदेश देने की घटना में कोई सांप्रदायिक कोण नहीं था. उन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वे अपने बच्चों को ऐसे किसी स्कूल में भेजेंगे.
जयंत ने कहा, ”हमें अपनी संवैधानिक स्वतंत्रता और अपने अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता है. हमें वंचितों, समाज के गरीब वर्गों, हमेशा भेदभाव के शिकार रहे लोगों और अल्पसंख्यकों की रक्षा करने की आवश्यकता है.” चौधरी ने कहा कि एक अभिभावक के तौर पर वह उस वीडियो को देखकर हैरान रह गए और कोई भी अपने बच्चों को ऐसे स्कूल में नहीं भेजना चाहता. चौधरी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा नेता शिक्षिका के प्रति न्याय की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्या हम अपनी आगामी पीढि.यों के साथ इसी तरह व्यवहार करना चाहते हैं?
बच्चे का अन्य स्कूल में दाखिला कराया गया
मुजफ्फरनगर में जिस छात्र को शिक्षिका के निर्देश पर उसके सहपाठियों ने कथित रूप से थप्पड़ मारा था, उसका दाखिला एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कराया गया है. जमीअत-उलमा-ए हिंद ने सोमवार को यह जानकारी दी. जमीअत-उलमा-ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना मुकर्रम ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा” को बताया कि जमीअत-उलमा ए हिंद (मौलाना अरशद मदनी के नेतृत्व वाली) ने लड़के को निशुल्क शिक्षा दिलाने का जिम्मा उठाया है और उसे खुब्बापुर गांव से कुछ किलोमीटर दूर शाहपुर कस्बे में एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में दाखिला दिलाया है.
उन्होंने कहा कि लड़के को शाहपुर में उसके घर से स्कूल तक लाने और लेजाने के लिए एक वाहन भी किराए पर लिया गया है और वह जब तक पढ.ना चाहेगा,उसकी शिक्षा का खर्च जमीअत उठाएगी. उन्होंने बताया कि छात्र का दाखिला अपर यूकेजी में कराया गया है और वह एक सिंतबर से अपनी पढ.ाई शुरू करेगा. मुकर्रम ने बताया कि सोमवार को जमीयत की एक टीम छात्र के पिता के साथ नए स्कूल पहुंची और इसके बाद दाखिले की औपचारिकताएं पूरी की गईं.