एफएसआईआई ने कृषि उत्पादों पर जीएसटी दरों में कटौती की सराहना की

Author: navabharat digital
UPDATED: Sat, 06 Sep 2025 04:23 PM
एफएसआईआई ने कृषि उत्पादों पर जीएसटी दरों में कटौती की सराहना की
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नयी दिल्ली: फेडरेशन आॅफ सीड इंडस्ट्री आॅफ इंडिया (एफएसआईआई) ने किसानों के लिए कृषि से जुड़े समानों पर से जीएसटी दरों में कटौती के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि, संगठन ने सरकार से बीज क्षेत्र के लिए भी ऐसी ही राहत की मांग की है, ताकि बीज की उत्पादन लागत घटाई जा सके और किसानों को किफायती दरों पर बीज मिल सकें।

उद्योग संगठन ने कहा कि उर्वरक के कच्चे माल, जैविक कीटनाशकों, सूक्ष्म पोषक तत्वों और कृषि उपकरणों पर जीएसटी में कटौती का यह कदम कच्चे माल की लागत को काफी हद तक कम करेगा और आर्थिक गति पैदा करेगा।

एफएसआईआई के चेयरमैन और सवाना सीड्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय राणा ने कहा, ‘‘यह भारतीय कृषि के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। सरकार ने सीधे किसानों को सशक्त किया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।’’

हालांकि, एफएसआईआई ने कहा कि बीज क्षेत्र में भी इसी तरह के सुधार की आवश्यकता है। वर्तमान में, बीजों पर जीएसटी छूट होने के कारण, उद्योग को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ नहीं मिल पाता। बीजों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली पैकेंिजग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउंिसग और रासायनिक उपचार जैसी सेवाओं पर जीएसटी लगता है, जिससे बीजों की तुलना में अन्य कृषि में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल सस्ते पड़ते हैं जिन पर रियायती दरें लागू हैं।

एफएसआईआई ने सरकार से आग्रह किया कि या तो बीज उत्पादन में लगने वाले सभी कच्चे माल को पूरी तरह से जीएसटी से मुक्त किया जाए या फिर बीजों को न्यूनतम जीएसटी स्लैब में लाया जाए। इससे उत्पादन लागत घटेगी, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को सस्ते दाम पर बीज मिल सकेंगे। राणा ने कहा, ‘‘यह सुधार सभी क्षेत्रों में खपत को बढ़ावा देगा। हमें विश्वास है कि सरकार की प्रगतिशील सोच बीज उद्योग के लिए भी ऐसे कदम उठाएगी।’’

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