प्रोद्यौगिकी का इस्तेमाल कर कमज़ोर वर्गों को अधिकारों से वंचित कर रही सरकार: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 23 Jun 2025 08:57 PM
प्रोद्यौगिकी का इस्तेमाल कर कमज़ोर वर्गों को अधिकारों से वंचित कर रही सरकार: कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आंगनवाड़ी लाभार्थियों के लिए चेहरा पहचान प्रमाणीकरण (फेस रिकग्निशन) को अनिवार्य बनाने का आदेश देने को लेकर सोमवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सामाजिक कल्याण अधिकारों से बाहर करने के लिए व्यवस्थित रूप से प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रही है. मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया को सक्षम बनाना चाहिए न कि कमजोर करना चाहिए.

मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर राशन वितरण और बच्चों की उपस्थिति की निगरानी के लिए एक अनिवार्य चेहरा पहचान प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, “मोदी सरकार व्यवस्थित तरीके से तकनीक का इस्तेमाल देश के सबसे वंचित तबकों को सामाजिक कल्याण योजनाओं से मिलने वाले अधिकारों से वंचित करने के लिए कर रही है.” उन्होंने कहा, “पहले, आधार को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर करोड़ों मज.दूरों को मनरेगा से बाहर कर दिया गया. एसिड अटैक सर्वाइवर्स को सिफ.र् आधार में नाम जुड़वाने के लिए अदालत में लड़ाई लड़नी पड़ी. देश भर के आदिवासी आज भी तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से अपने राशन से वंचित रह जाते हैं.”

रमेश ने आरोप लगाया कि गर्भवती महिलाओं के सामने एक और बाधा खड़ी कर दी गई है- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने वाले बुनियादी और कानूनी अधिकारों के लिए अब ‘फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी’ (एफआरटी) अनिवार्य कर दी गई है. उन्होंने कहा कि दुनियाभर में इस बात के सबूत हैं कि एफआरटी जैसी तकनीक व्यक्ति के रंग और वर्ग के आधार पर भेदभाव करती हैं.
कांग्रेस नेता ने कहा, “इससे पहले भी आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) ‘नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम’ ऐप जैसी तकनीक के विफल होने और रुकावट पैदा करने के सबूत सामने आ चुके हैं.”

रमेश के अनुसार, ”संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति की 365वीं रिपोर्ट में भी इस बात का ज.क्रि किया गया था कि कैसे एबीपीएस को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लागू करने से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लाभ बाधित हुए.

उन्होंने दावा किया, “इसका नतीजा ये हुआ कि जिस योजना के तहत 2019-20 में 96 लाख महिलाओं को भुगतान मिला था, वो घटकर 2023-24 में सिर्फ 27 लाख रह गया.” कांग्रेस महासचिव ने कहा, “डिजिटल इंडिया का मकसद सशक्तिकरण होना चाहिए, न कि अधिकार छीनना. भाषण समावेश का, व्यवहार बहिष्कार का- ये बात नहीं होनी चाहिए.”

अब इजराइल-ईरान मामले में अधिक नैतिक साहस दिखाए सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि मोदी सरकार ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले तथा “इजराइली आक्रामकता” की आलोचना या निंदा नहीं की है और वह गाजा में “नरसंहार” पर भी चुप है. मुख्य विपक्षी दल के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अब सरकार को पहले की तुलना में अधिक नैतिक साहस का परिचय देना चाहिए. उनका यह भी कहना है कि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत होनी चाहिए. अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान में तीन यूरेनियम संवर्धन स्थलों-फोर्दो, नतांज और इस्फहान-पर हमला किया था. पिछले 10 दिनों से ईरान और इजराइल के बीच सैन्य संघर्ष जारी है.

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ईरान पर अमेरिकी वायुसेना की ताकत का इस्तेमाल करने का राष्ट्रपति ट्रंप का निर्णय ईरान के साथ बातचीत जारी रखने के उनके अपने आह्वान का मज.ाक है.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस, ईरान के साथ तत्काल कूटनीति और बातचीत की अनिवार्यता को दोहराती है. कांग्रेस नेता ने कहा, “भारत सरकार को अब तक की तुलना में अधिक नैतिक साहस का प्रदर्शन करना चाहिए.

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