वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल पर हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले को यहूदियों के लिए ‘यहूदी नरसंहार’ (होलोकॉस्ट) के बाद का ‘सबसे घातक दिन’ करार देते हुए कहा कि इसने सदियों तक की यहूदी विरोधी भावना और उनके खिलाफ नरसंहार की दर्दनाक यादों को ताजा कर दिया है. बाइडन ने कहा कि अमेरिका इजराइल के हालात पर लगातार बारीकी से नजर बनाए हुए है.
बाइडन ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ”हम इजराइल में स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. उपराष्ट्रपति और मैं तथा मेरी सुरक्षा टीम के अधिकतर सदस्यों ने आज सुबह फिर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की.” उन्होंने कहा, ” इस हमले ने सदियों तक यहूदी विरोधी भावना और यहूदी लोगों के खिलाफ नरसंहार की दर्दनाक यादों और जख्मों को फिर से हरा कर दिया है.” इजराइल पर हमास के चौंकाने वाले हमले में 1200 से अधिक लोग मारे गये. जवाबी कार्रवाई के रूप में इजराइल की ओर से गाजा में किये गये हवाई हमले में करीब 1100 लोग मारे गये हैं.
बाइडन ने यहूदी समुदाय के नेताओं से भेंट की और आतंकवादी हमलों पर इजराइल के प्रति अपने अटूट समर्थन की पुष्टि की.
बाइडन ने कहा, ”यह हमला पूरी तरह से क्रूर अभियान था… यहूदी लोगों के खिलाफ पूरी तरह से क्रूरता. और मैं इसे ‘यहूदी नरसंहार’ के बाद यहूदियों के लिए सबसे घातक दिन मानता हूं. मानव इतिहास के सबसे खराब अध्यायों में से एक.”
व्हाइट हाउस में एकत्र यहूदी नेताओं से बाइडन ने कहा, ” मेरा आशय है कि चुप्पी भी मिलीभगत है. ऐसा वाकई है. और मैं आपको बताना चाहता हूं, मुझे लगता है कि आपने पहले ही इसका पता लगा लिया है, कि मैं चुप रहने से इनकार करता हूं. मैं यह भी जानता हूं कि आप भी चुप रहने से इनकार करते हैं.”
बाइडन ने कहा, ”हमास जैसे आतंकवादी समूह दुनिया में न केवल आतंक बल्कि केवल बुराई लेकर आए, वह बुराई जो सबसे बदतर स्थिति को प्रतिध्वनि करती है, और कुछ मामलों में आईएसआईएस (एक आतंकवादी संगठन) के सबसे भयानक अत्याचार के समान है या उससे भी अधिक है. इजराइल में 1,000 से अधिक आम नागरिकों की हत्या कर दी गई.” इस हमले के पीड़ितों और मृतकों में कम से कम 22 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं.
अमेरिका इजराइली रक्षा बलों को अतिरिक्त सैन्य सहायता मुहैया कर रहा है जिसमें गोला-बारूद और ‘इंटरसेप्टर’ शामिल हैं. अमेरिका ने एक विमानवाहक पोत को पूर्वी भूमध्य सागर के लिए रवाना किया है और इस क्षेत्र में और लड़ाकू विमान भेज रहा है. बाइडन ने हमास के अत्याचारों को कमतर करके आंकने और इजराइल पर दोष मढ़ जाने की निंदा करते हुए इसे ‘अनुचित’ करार दिया.
इजराइल में 22 अमेरिकी नागरिकों की मौत, 17 की कोई जानकारी नहीं: व्हाइट हाउस
इजराइल पर हमास के हमले में कम से कम 22 अमेरिकी नागरिकों की मौत हो गई है और 17 की कोई जानकारी नहीं है तथा आने वाले दिनों में यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है. व्हाइट हाउस ने बुधवार यह जानकारी दी. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने बताया कि फलस्तीन आतंकवादी समूह हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों में और भी अमेरिकी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि बंधकों को छुड़ाने के लिए अमेरिका इजराइल के साथ बातचीत कर रहा है.
व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सामरिक संचार समन्वयक जॉन किर्बी ने कहा, ”हम जानते हैं कि, अब तक 22 अमेरिकी अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 17 के बारे में कोई जानकारी नहीं है. आने वाले दिनों में ये संख्या बढ़ने की आशंका है.” इससे पहले अमेरिका ने हमले में 14 अमेरिकियों की मौत होने की पुष्टि की थी.
सुलिवन ने पत्रकारों से कहा, ”आज हमें इस बात का थोड़ा बेहतर अंदाजा है कि कितने और अमेरिकी लापता हैं या लापता हैं. हम जानते हैं कि उनमें से कई अमेरिकियों को हमास ने अभी बंधक बनाया हुआ है. मुझे लगता है कि हम सभी को इसके लिए खुद को मजबूत करने की जरूरत है कि ये संख्या और बढ़ सकती है.” इजराइल पर हमास के अप्रत्याशित हमले में 1,200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. इसके बाद इजराइल ने भी गाजा पर हवाई हमला करके इसका जवाब दिया है, जिसमें सौ लोग मारे गए थे.
उन्होंने, ”सभी प्रभावित परिवारों को हमारा संदेश है कि हम आपके साथ हैं. आपके साथ-साथ हम भी इस बात से काफी दुखी हैं. जो प्रयास किये जा सकते हैं, हम वह सब कुछ कर रहे हैं. विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिन्हें अपने प्रियजनों का पता नहीं चल पा रहा है. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि बंधक बनाये गए लोगों को छुड़ाने के लिए हम हर तरह की सहायता के लिए तैयार हैं.”
किर्बी ने कहा, ”नि?संदेह इजराइल के पास बंधकों को छुड़ाने की खुद की क्षमता है. हमारे पास बहुत सारी जानकारी भी है और हम उसे इजराइली रक्षा बलों के साथ साझा करने की पेशकश कर रहे हैं.” अमेरिका इजराइल को अतिरिक्त रक्षा संबंधी सहायता भी उपलब्ध करा रहा है. किर्बी ने कहा कि अमेरिका यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि यदि कोई भी इजराइल के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार करेगा या युद्ध को बढ़ाने की कोशिश करेगा तो अमेरिका उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैयार है.