भारत के एक सामरिक विशेषज्ञ ने पाकिस्तान और चीन के संबंधों की पोल खोली है। स्ट्रेटजिक थिंकर डॉ. ब्रह्माचेलानी ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के वन चाइना नीति की तरफदारी करने पर तंज भी कसा है। भारतीय एक्सपर्ट ने पाकिस्तान के ताइवानी एयरलाइंस के अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर कुछ समय के लिए रोक लगाने की भी पोल खोली है। यह मामला ऐसा है कि जिससे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में शर्मसार होना पड़ा है। उसे अपना फैसला वापस भी लेना पड़ा।
चीन से भी ज्यादा वफादार होने का दिखावा करता है पाकिस्तान
डॉ. ब्रह्माचेलानी ने एक्स पर लिखा-‘पाकिस्तान चीन के प्रति खुद चीन से भी ज्यादा वफादार होने का दिखावा करता है। हाल ही में सबसे हैरान करने वाली घटना तब घटी जब पाकिस्तान ने ‘वन चाइना’ नीति का हवाला देते हुए ताइवान की एयरलाइंस के अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर अचानक और कुछ समय के लिए रोक लगा दी।’
चीन ने जताई हैरानी तो पलट गया पाकिस्तान
ब्रह्माचेलानी ने आगे लिखा-‘जब बीजिंग ने पाकिस्तान के इस कदम पर हैरानी जताई, तो पाकिस्तान ने तुरंत अपना फैसला पलट दिया। खुद चीन, ताइवान की एयरलाइंस जैसे चाइना एयरलाइंस और ईवीए एयर को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति देता है, क्योंकि वैश्विक नागरिक उड्डयन, रूट की दक्षता और एक-दूसरे के हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने के अधिकार, अंतरराष्ट्रीय तकनीकी नियमों के तहत काम करते हैं।
चीन के प्रति वफादारी साबित करने की कोशिश करता है पाकिस्तान
डॉ. ब्रह्माचेलानी के अनुसार, ‘पाकिस्तान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने और दबाव से बचने के लिए चीन की रणनीतिक मदद और राजनयिक सुरक्षा पर इतना ज्यादा निर्भर है कि वह अक्सर बीजिंग के प्रति अपनी वफादारी साबित करने के लिए दूसरों से आगे निकलने की कोशिश करता है।’
उन्होंने आगे लिखा कि जहां चीन, पाकिस्तान के साथ अपनी साझेदारी को कूटनीति और बड़ी रणनीतिक सोच (जिसमें भारत को संतुलित करना भी शामिल है) के नजरिए से देखता है, वहीं पाकिस्तान इस गठबंधन को अपने अस्तित्व से जोड़कर देखता है।