पेरू विश्व कप में तीसरे स्थान पर रहा भारत, एनआरएआई युवा निशानेबाजों के प्रदर्शन से खुश

लीमा. भारत यहां संपन्न हुई आईएसएसएफ विश्व कप निशानेबाजी प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहा. प्रतियोगिता के अंतिम दिन पृथ्वीराज टोंडिमान और प्रगति दुबे की भारतीय जोड़ी ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा के पदक दौर में पहुंचने में असफल रही. सिमरनप्रीत कौर बराड़ ने सोमवार को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भारत को अंतिम पदक दिलाया. इससे देश के पदकों की संख्या सात हो गई, जिसमें दो स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य शामिल हैं. अमेरिका ने भी सात पदकों के साथ अपने अभियान का समापन किया लेकिन अधिक स्वर्ण पदक जीतने के कारण वह भारत से आगे दूसरे स्थान पर रहा. चीन चार स्वर्ण, तीन रजत और छह कांस्य पदक के साथ तालिका में शीर्ष पर रहा. भारत के लिए असाधारण प्रदर्शन करने वाली 18 वर्षीय सुरुचि इंदर सिंह थी, जिन्होंने देश के लिए दोनों स्वर्ण जीते.

उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली मनु भाकर को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक जीता. इसके बाद उन्होंने सौरभ चौधरी के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल का मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक भी हासिल किया.
सोमवार को ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में टोंडिमान और दुबे 134 का संयुक्त स्कोर बनाकर आठवें स्थान पर रहे. लक्ष्य और नीरू की अन्य भारतीय जोड़ी 128 के कुल स्कोर के साथ 13वें स्थान पर रही. केवल शीर्ष चार टीमें ही पदक दौर में पहुंची.

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के महासचिव के सुल्तान सिंह युवा भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन पर खुशी जताई.
प्रेस विज्ञप्ति में सुल्तान सिंह के हवाले से कहा गया, ”यह एक युवा टीम थी और दुनिया के दूसरे कोने में प्रतिकूल परिस्थितियों में जाना, रेंज के अनुकूल होने और फिर भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का अनुभव उनके लिए फायदेमंद होगा.” उन्होंने कहा, ”याद रखें, अगले लॉस एंजिलिस ओलंपिक भी ऐसा ही अनुभव होगा. प्रतिस्पर्धा के स्तर को देखते हुए टीम ने पिछले कुछ वर्षों की तरह शानदार प्रदर्शन किया.” अर्जेंटीना और पेरू में लगातार दो विश्व कप में भारतीय निशानेबाजों ने मिश्रित स्पर्धाओं में पदक मुकाबलों सहित कुल 32 फाइनल्स में जगह बनाई और छह स्वर्ण सहित 15 पदक जीते.

इस दौरान 18 वर्षीय सुरुचि सबसे सफल रहीं जिन्होंने तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता. आर्य बोरसे विश्व कप में पदार्पण करने वाले अन्य खिलाड़ी थे जिन्होंने तीन फाइनल में जगह बनाई और मिश्रित टीम राइफल स्पर्धा में दो रजत पदक जीते. भारतीय निशानेबाजों के लिए अगली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता केवल शॉटगन निशानेबाजों के लिए होगी जो मई के पहले सप्ताह निकोसिया में साइप्रस विश्व कप में प्रतिस्पर्धा करेंगे.

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