भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए कनाडा, नाइजीरिया से मिलेगी चुनौती

लंदन. राष्ट्रमंडल खेल (सीडब्ल्यूएस) ने बुधवार को घोषणा की कि 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत को कनाडा, नाइजीरिया और दो अन्य देशों से चुनौती का सामना करना पड़ेगा. राष्ट्रमंडल खेल 2030 में सौ साल पूरे करेगा. सीडब्ल्यूएस की ओर से यह पुष्टि ‘पीटीआई’ द्वारा खेल मंत्रालय के एक शीर्ष सूत्र के हवाले से दी गई रिपोर्ट के एक महीने से भी कम समय बाद आई है, जिसमें बताया गया था कि 2036 में ओलंपिक मेजबानी का लक्ष्य रखने वाला भारत 2030 में गुजरात में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए अपनी बोली प्रस्तुत की है.

सीडब्ल्यूएस ने कहा कि उसे खेलों के 2030 सत्र की मेजबानी के लिए कनाडा और नाइजीरिया के अलावा दो और देशों से ‘रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई)’ प्राप्त हुई है. कुल मिलाकर सात देशों ने भविष्य के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी में रुचि व्यक्त की है, जिनमें से पांच ने शताब्दी सत्र के आयोजन की रुचि जताई है. सीडब्ल्यूएस ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड उन दो देशों में से एक है जो 2034 सत्र की मेजबानी करना चाहते हैं.

राष्ट्रमंडल खेलों ने यहां जारी एक बयान में कहा, ”अफ्रीका, अमेरिका, एशिया और ओशिनिया वे क्षेत्र हैं जहां से ईओआई प्रस्तुत किए गए हैं. कनाडा, भारत और नाइजीरिया ने पहले ही सार्वजनिक रूप से पुष्टि कर दी है कि उन्होंने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए ईओआई पेश की है. साथ ही दो अन्य देशों ने भी 2030 में मेजबानी के लिए अपनी रुचि जतायी है.” उन्होंने कहा, ”दो ईओआई 2030 के बाद के खेलों पर केंद्रित है, जिसमें न्यूजीलैंड भी शामिल है . उसने 2034 की मेजबानी में अपनी रुचि का संकेत दिया है.” राष्ट्रमंडल खेलों की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैटी सडलेयर ने कहा कि सीडब्ल्यूएस इन खेलों की मेजबानी को लेकर ‘अविश्वसनीय रुचि से रोमांचित’ है.

उन्होंने कहा, ”हमारे छह क्षेत्रों में से चार से यह सकारात्मक प्रतिक्रिया राष्ट्रमंडल खेलों के महत्व और महत्व को रेखांकित करती है और ओलंपिक खेलों और पैरालंपिक के साथ-साथ विश्व खेल कैलेंडर में प्रमुख बहु-खेल आयोजन के रूप में इसकी स्थिति को दर्शाती है.” हाल के वर्षों में राष्ट्रमंडल खेलों का भविष्य अनिश्चित लग रहा था क्योंकि बजट की कमी के कारण ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य ने 2026 खेलों के लिए मेजबानी से अपना नाम वापस ले लिया था.

ग्लासगो ने इस आयोजन को बचाने के लिए कदम उठाया, लेकिन खेल कार्यक्रम में कई बदलाव करने के बाद. इसके कार्यक्रम से कई अहम खेलों को हटा दिया गया. भारत 2010 में नयी दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी कर चुका है और 2030 सत्र के लिए जो ईओआई दिये गये है वे सभी बहु-राष्ट्र की बजाय एकल हैं. खेलों की मेजबानी के लिए ईओआई प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 मार्च थी और भारत का पत्र भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा भेजा गया था. खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जोर देकर कहा कि देश 2030 में खेलों की मेजबानी करने में रुचि रखता है.

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