नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि कतर की एक अदालत द्वारा मौत की सजा पाए भारतीय नौसेना के सभी आठ पूर्व र्किमयों को वापस लाने के लिए भारत कानूनी लड़ाई लड़ेगा. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में इस मामले से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि विदेश मंत्रालय पहले से ही इस मामले को देख रहा है.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”और भारत ने इस मुद्दे पर अपना रुख भी स्पष्ट कर दिया है.” उन्होंने कहा, ”हम यह देखकर हैरान हैं कि ऐसी चीजें भी होती हैं. हम इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय भी है. मुझे लगता है कि भारत सरकार अपना पक्ष रखेगी और हम निश्चित रूप से उन्हें वहां से वापस लाने में सफल होंगे.” कतर के अधिकारियों की ओर से भारतीयों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया गया है. अपनी प्रतिक्रिया में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि वह इस मामले को ‘बहुत महत्व’ दे रहा है और सभी कानूनी विकल्प तलाश रहा है.
मामले से वाकिफ लोगों के अनुसार, पूर्व भारतीय नौसेना र्किमयों में कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेन्दु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश शामिल हैं. भारतीय नौसेना के आठ पूर्व र्किमयों को कतर की अदालत की ओर से बृहस्पतिवार को मौत की सजा सुनाए जाने पर भारत ने कहा कि वह इस फैसले से बेहद ”स्तब्ध” है और इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है. ये सभी आठ भारतीय नागरिक अल दाहरा कंपनी के कर्मचारी हैं जिन्हें पिछले साल जासूसी के कथित मामले में हिरासत में ले लिया गया था.