घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर करना झारखंड सरकार का संवैधानिक कर्तव्य: हिमंत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 24 Nov 2024 09:11 PM
घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर करना झारखंड सरकार का संवैधानिक कर्तव्य: हिमंत
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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने झारखंड में सत्ता बरकरार रखने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत गठबंधन से घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के अपने संवैधानिक कर्तव्य को निभाने का आग्रह किया. झारखंड चुनाव के लिए भाजपा के सह-प्रभारी शर्मा ने नवनिर्वाचित पार्टी विधायकों से विधानसभा में घुसपैठ का मुद्दा उठाने का आह्वान किया और कहा कि अवैध प्रवासी राज्य के लिए एक गंभीर खतरा हैं.

शर्मा ने शनिवार देर रात फेसबुक लाइव में कहा, ह्लमुझे अब भी विश्वास है कि घुसपैठ की समस्या आने वाले दिनों में झारखंड को बहुत नुकसान पहुंचाएगी. यह आपकी (झामुमो) सरकार है और मैं आपसे इन घुसपैठियों को वापस भेजने या कम से कम उनकी पहचान करने की अपील करता हूं. यह आपका संवैधानिक कर्तव्य है.ह्व झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान घुसपैठ के मुद्दे को बड़े पैमाने पर उठाने वाले भाजपा नेता ने कहा, ह्लमुझे विश्वास है कि झारखंड सरकार इस जिम्मेदारी को पूरा करेगी.ह्व

शर्मा ने नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों से विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाने और विधानसभा में घुसपैठ के मुद्दे को उठाने की भी अपील की. हेमंत सोरेन के झामुमो नीत गठबंधन ने शनिवार को झारखंड में दमदार वापसी करते हुए 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीट जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की जबकि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को केवल 24 सीट ही मिल सकीं.

कभी दावा नहीं किया कि भाजपा जीतेगी झारखंड चुनाव: हिमंत

झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की करारी हार के एक दिन बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया था कि पार्टी राज्य के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करेगी. हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की और 81 सदस्यीय सदन में 56 सीट पर जीत दर्ज की. वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को केवल 24 सीट पर ही जीत हासिल हुई. शर्मा, झारखंड चुनाव के लिए भाजपा के सह-प्रभारी थे.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत गठबंधन से घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के अपने संवैधानिक कर्तव्य को निभाने का आग्रह किया. शर्मा ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, “जब भी आप (मीडिया) ने मुझसे झारखंड के बारे में पूछा तो मैंने कहा था कि यहां चुनाव मुश्किलों भरा रहने वाला है. मैंने कभी दावा नहीं किया कि हम जीतेंगे. हमारी पार्टी के लिए वहां चुनाव लड़ना कठिन काम था, लेकिन हमने मौजूदा परिस्थितियों में अच्छा काम किया.” शर्मा विधानसभा चुनाव से पहले ही पार्टी के प्रचार के लिए झारखंड में डेरा डाले हुए थे. उन्होंने दावा किया कि घुसपैठिए झारखंड के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं. उन्होंने सरकार से घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करने की आवश्यकता दोहराई.

भाजपा नेता ने कहा, “घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है. वे क्या करेंगे, यह मेरे लिए पहले से तय करना सही नहीं होगा. असम के मुख्यमंत्री के तौर पर मैं इस मामले पर अब और टिप्पणी नहीं करूंगा. जब मैं पार्टी का सह प्रभारी था, तब मुझे जो कुछ भी कहना था मैंने कह दिया.” उन्होंने कहा, “किसी भी सरकार को घुसपैठ के मामले में समझौता नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका अंतिम परिणाम जनसांख्यिकीय परिवर्तन होगा, जिसका असर सभी पर पड़ेगा.” शर्मा ने शनिवार देर रात फेसबुक लाइव में नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों से विधानसभा में घुसपैठ के मुद्दे को उठाने की भी अपील की.

उन्होंने कहा, “मुझे अब भी विश्वास है कि घुसपैठ की समस्या आने वाले दिनों में झारखंड को बहुत नुकसान पहुंचाएगी. यह आपकी (झामुमो) सरकार है और मैं आपसे इन घुसपैठियों को वापस भेजने या कम से कम उनकी पहचान करने की अपील करता हूं. यह आपका संवैधानिक कर्तव्य है.” उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि झारखंड सरकार इस जिम्मेदारी को पूरा करेगी.” शर्मा ने नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों से विपक्ष के रूप में अपना कर्तव्य निभाने और विधानसभा में घुसपैठ के मुद्दे को उठाने की भी अपील की.

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