जम्मू-कश्मीर चुनाव: भाजपा ने पहले जारी की 16 उम्मीदवारों की सूची, आंतरिक कलह आई सामने

नयी दिल्ली/जम्मू. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जम्मू-कश्मीर के आगामी विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए सोमवार को 16 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी. पहले चरण में दक्षिण कश्मीर के 16 विधानसभा क्षेत्रों और जम्मू क्षेत्र के आठ विधानसभा क्षेत्रों में 18 सितंबर को मतदान होगा.

पार्टी की ओर से जारी पहली सूची में 15 उम्मीदवारों के नाम हैं जबकि इसके कुछ ही देर बाद जारी दूसरी सूची में सिर्फ एक उम्मीदवार के नाम की घोषणा की गई. इससे पहले, पार्टी की ओर से तीनों चरणों के लिए कुल 44 उम्मीदवारों की सूची जारी की गई थी, जिसमें दूसरे चरण के लिए 10 और तीसरे चरण के लिए 19 उम्मीदवारों के नाम थे.

हालांकि, बाद में दूसरे और तीसरे चरण के लिए जारी उम्मीदवारों की सूची वापस ले ली गई और फिर सिर्फ पहले चरण के लिए 15 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची जारी की गई. इस बीच, जम्मू स्थित पार्टी कार्यालय में मूल सूची में जारी कुछ नामों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रदर्शन और नारेबाजी भी की.

जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रवींदर रैना ने जहां शुरुआती सूची पर नाराजगी को तवज्जो नहीं दी, वहीं विरोध प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि मेहनती कार्यकर्ताओं की जगह ‘पैराशूट उम्मीदवारों’ को चुना गया. पहले चरण के लिए 16 उम्मीदवारों की सूची में तीन पूर्व विधायक और एक महिला उम्मीदवार शगुन परिहार शामिल हैं. शगुन के पिता अजीत परिहार और चाचा अनिल परिहार की नवंबर 2018 में किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. परिहार बंधु भाजपा से जुड़े थे.

शुरुआती सूची में जम्मू क्षेत्र के 36 और कश्मीर घाटी के आठ क्षेत्रों को शामिल किया गया था. इसमें कई पूर्व मंत्रियों सहित लगभग एक दर्जन प्रमुख नेता शामिल हैं, जो पिछले पांच वर्षों में भाजपा में शामिल हुए हैं. इस सूची में पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह और जम्मू-कश्मीर भाजपा के पूर्व प्रमुख सतपाल शर्मा सहित 10 पूर्व विधायकों के नाम नदारद थे.

संशोधित सूची के अनुसार जम्मू क्षेत्र की चिनाब घाटी में भाजपा ने पूर्व मंत्रियों सुनील शर्मा (पाडेर-नागसेनी) और शक्ति राज परिहार (डोडा पश्चिम), पूर्व विधायक दलीप सिंह परिहार (भदरवाह), शगुन परिहार (किश्तवाड़), तारिक कीन (इंदरवल), गजय सिंह राणा (डोडा), राकेश ठाकुर (रामबाण) और सलीम भट (बनिहाल) को मैदान में उतारा है. भाजपा की नीलम कुमार लंगेह ने 2014 के चुनावों में रामबाण निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी लेकिन इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया गया.

कश्मीर घाटी में भाजपा ने उपाध्यक्ष सोफी यूसु (श्रीगुफवाड़ा-बिजबेहरा), सैयद शौकत गयूर अंद्राबी (पाम्पोर), अर्शीद भट्ट (राजपोरा), जावेद अहमद कादरी (शोपियां), मोहम्मद रफीक वानी (अनंतनाग पश्चिम), सैयद वजाहत (अनंतनाग), वीर सर्राफ (शनगुस अनंतनाग पूर्व) और चौधरी रोशन हुसैन गुज्जर (कोकरनाग-अजजा) को मैदान में उतारा है. विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के कुछ नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय पर पार्टी नेतृत्व द्वारा मेहनती कार्यकर्ताओं की ‘अनदेखी’ करने और ‘पैराशूट उम्मीदवारों’ को टिकट देने को लेकर प्रदर्शन किया.

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश भगत ने कहा, ”मैं पिछले 18 साल से पार्टी से जुड़ा हुआ हूं और इसे मजबूत करने के लिए दिन-रात काम किया है लेकिन टिकट एक ऐसे व्यक्ति को दिया गया है जो कुछ ही दिन पहले पार्टी में शामिल हुआ है.” सूची वापस लिये जाने का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, ”हमें उम्मीद है कि जिन नेताओं ने पार्टी के लिए कुछ किया है उन्हें टिकट दिया जाएगा ना कि उन्हें जिन्होंने कुछ नहीं किया.”

उन्होंने कहा, ”अगर वे हमारी उपेक्षा करते हैं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. हम किसी भी गलत काम की अनुमति नहीं देंगे और पार्टी के भीतर इस अन्याय के खिलाफ विरोध करेंगे.” जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रैना ने हालांकि कहा कि पार्टी एक परिवार की तरह है, जहां इससे फर्क नहीं पड़ता कि किसे टिकट मिलता है. उन्होंने कहा, ”क्योंकि हम राष्ट्र पहले, पार्टी बाद में और स्वयं को अंत में मानने वाले लोग हैं.” जम्मू स्थित भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहले चरण के लिए 16 उम्मीदवारों की सूची लंबी चर्चा के बाद केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी की गई है और दूसरे और तीसरे चरण के लिए सूची जल्द ही जारी की जाएगी.

उन्होंने कहा, ”भाजपा चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है. हम एक परिवार की तरह काम करते हैं और हमारे हजारों कार्यकर्ता हमारे उम्मीदवारों की सफलता में अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं.” उन्होंने कहा, ”हमारा मिशन हमारी पार्टी की जीत है. एक पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाएं और मुद्दे होते हैं. पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त है और इसलिए 16 उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है.” इससे पहले भाजपा के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता एकजुट हैं और सभी उम्मीदवारों की सफलता के लिए अथक परिश्रम करेंगे.

उन्होंने कहा, ”कोई नाराजग़ी या भ्रम नहीं है. हमें कोई अनुमान नहीं लगाना चाहिए और नई सूचियों का इंतजार करना चाहिए.” पहले चरण के चुनाव के लिए अब तक 14 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है. इस चरण में 24 सीट पर मतदान होना है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त है.

जम्मू कश्मीर में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे. पूर्ववर्ती प्रदेश की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए, चुनाव के पहले चरण के तहत 18 सितंबर, दूसरे चरण के तहत 25 सितंबर और तीसरे व आखिरी चरण के तहत एक अक्टूबर को मतदान होगा. मतों की गिनती चार अक्टूबर को होगी. दूसरे और तीसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया क्रमश: 29 अगस्त और 5 सितंबर से शुरू होगी.

यह विधानसभा चुनाव, अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के लिए सरकार चुनने का मंच तैयार करेगा. जम्मू-कश्मीर में 2014 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 25 सीट जीती थीं. तब यह पूर्ण राज्य था. पार्टी कांग्रेस को यहां कांग्रेस से चुनौती मिल रही है. कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन किया है, खासकर जम्मू क्षेत्र में. यह क्षेत्र 2014 से भाजपा का गढ़ रहा है.

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