मंगलुरु. मंगलुरु के पुराने बंदरगाह पर ‘मंगलुरु मछली बंदरगाह कच्ची मछली विक्रेता संघ’ की ओर से लगाए गए एक बैनर को लेकर विवाद शुरू हो गया है. बैनर में मछली विक्रेताओं को 28 सितंबर को ईद मिलाद के मौके पर अनिवार्य रूप से अवकाश लेने के लिए कहा गया है.
बैनर में जारी दिशा-निर्देश में जिक्र है कि सभी मछली विक्रेताओं को इन नियमों का पालन करना होगा और जो भी इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाएगा उसे मछली पकड़ने की गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और वह संघ की तरफ से किसी प्रकार के समर्थन का हकदार नहीं होगा.
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता शरण पंपवेल ने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से बैनर मामले को उठाया, जो वायरल हो गया. विहिप नेता ने अधिकारियों से बंदरगाह पर लगाए गए इस बैनर के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए संघ के अध्यक्ष के. अशरफ ने सोमवार को एक बयान में स्पष्ट किया कि उनका संगठन विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श के बाद इस फैसले पर पहुंचा है. उन्होंने कहा कि उनका मकसद हिंदू, ईसाई और मुस्लिम त्योहारों के लिए छुट्टी की घोषणा कर व्यापार के संचालन में होने वाले गतिरोध को रोकना है.
उन्होंने बताया कि हिंदू और मुस्लिम त्योहारों के लिए तीन अवकाश तय किए गए हैं, जबकि ईसाई त्योहारों के लिए दो अवकाश रखे गए हैं. इसी तरह बैनर लगाकर सभी हितधारकों से ईद मिलाद पर काम नहीं करने को कहा गया है. गणेश चतुर्थी पर भी अवकाश की घोषणा की गई है. अशरफ ने कहा कि कुछ लोग ईद मिलाद बैनर को लेकर सोशल मीडिया पर उकसाने वाली सूचना फैला रहे हैं. उन्होंने जनता से अपील की कि कुछ लोगों द्वारा साझा की जा रही रिपोर्ट पर गुमराह ना हों.