केजरीवाल दलित-विरोधी, वाल्मीकि मंदिरों के पुजारियों को आप की मानदेय योजना से बाहर रखा गया: उदित राज

नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता उदित राज ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को ‘दलित-विरोधी’ करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को मासिक मानदेय देने की योजना की घोषणा की, लेकिन वाल्मीकि और रविदास मंदिरों के पुजारियों को इसमें शामिल नहीं किया.

पूर्व सांसद ने कहा कि सोमवार को वाल्मीकि और रविदास मंदिरों के भिक्षु और पुजारी ‘आप’ के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और मांग करेंगे कि उन्हें पार्टी की प्रस्तावित योजना के तहत इसमें शामिल किया जाए. ‘आप’ प्रमुख केजरीवाल ने 30 दिसंबर को घोषणा की थी कि अगर उनकी पार्टी दिल्ली में फिर से सत्ता में आती है, तो मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को 18,000 रुपये मासिक भत्ता देने के लिए ‘पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना’ शुरू की जाएगी.

उदित राज ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ”दलित-विरोधी” हैं. उन्होंने हाल में मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारा ग्रन्थियों को 18,000 रुपये प्रतिमाह देने की योजना की घोषणा की, लेकिन इसमें वाल्मीकि और रविदास मंदिरों के पुजारियों को शामिल नहीं किया गया है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब ‘आप’ ने पंजाब में सरकार बनाई थी तो उसने वादा किया था कि एक दलित को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा, लेकिन उसने अपना वादा पूरा नहीं किया.

उन्होंने कहा कि पार्टी के 11 राज्यसभा सदस्यों में से एक भी अनुसूचित जाति (एससी) या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से नहीं है. राज ने कहा कि सोमवार को वाल्मीकि और रविदास मंदिरों के भिक्षु और पुजारी ‘आप’ के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे और मांग करेंगे कि उन्हें समान मानदेय दिया जाए. दिल्ली विधानसभा की 70 सीट के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और मतगणना आठ फरवरी को होगी.

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