नयी दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले जनता दल (सेक्युलर) ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने का फैसला किया. आगामी लोकसभा चुनाव से पहले जद (एस) के इस फैसले को कर्नाटक की राजनीति में अहम माना जा रहा है क्योंकि देवेगौड़ा परिवार की यह पार्टी दक्षिण के इस राज्य में तीसरी बड़ी ताकत है. राज्य में कांग्रेस की सरकार है जबकि भाजपा विपक्ष में है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के बीच हुई एक बैठक के बाद भाजपा नेताओं ने बताया कि जद (एस) ने राजग में शामिल होने का फैसला किया है. यह बैठक शाह के आवास पर हुई.
नड्डा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”हमारे वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी से मुलाकात की. मुझे खुशी है कि जद (एस) ने राजग का हिस्सा बनने का फैसला किया है.”
भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ”हम तहे दिल से उनका राजग में स्वागत करते हैं. इससे राजग को और मजबूती मिलेगी.” शाह ने एक पोस्ट में कहा, ”कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जद (एस) नेता एच डी कुमारस्वामी के साथ भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए, जद (एस) ने राजग का हिस्सा बनने का फैसला किया है. मैं राजग परिवार में जद (एस) का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं.”
उन्होंने कहा, ”उनका सहयोग कर्नाटक को विकास के पथ पर ले जाएगा और एक मजबूत राजग और एक मजबूत भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा.” कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन हो गया है और सीटों के तालमेल को लेकर वार्ता जारी रहेगी. भाजपा का मानना है कि जद (एस) के साथ गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनावों में उसका दबदबा सुनिश्चित करेगा क्योंकि क्षेत्रीय पार्टी का दक्षिण कर्नाटक में काफी प्रभाव है जहां भगवा पार्टी पारंपरिक रूप से कमजोर रही है. कुमारस्वामी 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कर्नाटक में भाजपा के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली पहुंचे थे.
दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की चर्चा तब से सुर्खियों में थी जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और संसदीय बोर्ड के सदस्य बी एस येदियुरप्पा ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि उनकी पार्टी आम चुनावों के लिए जद(एस) के साथ गठबंधन करेगी और जद(एस) कर्नाटक में चार लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
कर्नाटक में लोकसभा की कुल 28 सीट हैं. भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में इनमें से 25 सीट जीती थीं, जबकि मांड्या सीट पर उसके समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार सुमलता अंबरीश ने जीत हासिल की थी. कांग्रेस और जद(एस) ने एक-एक सीट जीती थी.
इस साल मई में हुए 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 135 सीटों पर जीत मिली थी जबकि उस समय सत्ता में मौजूद भाजपा के हिस्से में 66 सीट आई थी. जद (एस) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और उसे 19 सीटों से संतोष करना पड़ा था.
भाजपा की ‘बी टीम’ जद (एस) आधिकारिक रूप से राजग में शामिल हुई: कांग्रेस
कांग्रेस ने जनता दल (सेक्युलर) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने को लेकर उस पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ‘बी टीम’ आज आधिकारिक रूप से राजग का हिस्सा बन गई. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ” कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने जो बार-बार कहा था, आज आधिकारिक तौर पर उसकी पुष्टि हो गई है. राज्य में भाजपा की ‘बी टीम’ जद (एस) आधिकारिक तौर पर राजग का हिस्सा बन गई है.”
उन्होंने लोकसभा सदस्य दानिश अली के खिलाफ भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी की आपत्तिजनक टिप्पणी का हवाला देते हुए यह भी कहा कि जद(एस) उस दिन राजग का हिस्सा बनी है जिससे एक दिन पहले ही उसके एक पूर्व नेता पर भाजपा सांसद ने सरेआम सांप्रदायिक हमला किया. दानिश अली बसपा में शामिल होने से पहले जद(एस) में थे.
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले जनता दल (सेक्युलर) ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने का फैसला किया. आगामी लोकसभा चुनाव से पहले जद (एस) के इस फैसले को कर्नाटक की राजनीति में अहम माना जा रहा है क्योंकि देवेगौड़ा परिवार की यह पार्टी दक्षिण के इस राज्य में तीसरी बड़ी ताकत है. राज्य में कांग्रेस की सरकार है जबकि भाजपा विपक्ष में है.