महादेव ऐप: केंद्र को प्रतिबंध की मांग वाला कोई पत्र नहीं मिला-केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर

कांग्रेस ने राज्यों को '' एक परिवार का एटीएम '' बनाने की फर्जी गारंटी से सत्ता हासिल की : केन्द्रीय मंत्री चंद्रशेखर

भोपाल. केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को कांग्रेस के इस दावे को खारिज किया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महीनों पहले विवादास्पद महादेव ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई थी लेकिन केंद्र कार्रवाई करने में विफल रहा. चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ‘नई कहानी’ बना रही है कि उसने दो महीने पहले ही केंद्र को पत्र लिखा था.

कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि बघेल सरकार ने जानबूझकर जांच को डेढ़ साल तक खींचा क्योंकि वह सट्टेबाजी ऐप के जरिए 508 करोड़ रुपये हासिल करना चाहती थी. केंद्र ने रविवार को प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर महादेव ऐप और रेड्डीअन्नाप्रिस्टोप्रो के साथ-साथ 20 अन्य अवैध सट्टेबाजी मंचों को रोकने के आदेश जारी किए.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सोमवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय कई महीनों से महादेव ऐप मामले की जांच कर रहा है, लेकिन यह “आश्चर्यजनक” है कि इसे प्रतिबंधित करने में इतना समय लगा. रमेश ने आरोप लगाया, ”महादेव ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी सबसे पहले 24 अगस्त, 2023 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाई थी. उनकी प्रशंसा करने के बजाय, प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ ईडी को लगा दिया.” कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री इस तथ्य के बारे में “स्पष्ट रूप से झूठ बोल रहे हैं” कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं की थी.

चन्द्रशेखर ने भोपाल में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” उन्होंने (छत्तीसगढ़ सरकार) डेढ़ साल पहले सट्टेबाजी ऐप की जांच की थी. यह छह मिनट की समस्या है कि यह एक अवैध ऐप है या असली.” बघेल की ओर से प्रतिबंध लगाने की मांग के बारे में कांग्रेस के दावे पर एक सवाल का जवाब देते हुए चंद्रशेखर ने कहा, ”पहले ये बताइए कि उन्होंने जांच को 18 महीने तक क्यों खींचा? यदि उन्होंने (ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग के संबंध में) लिखा है, तो उन्होंने (छत्तीसगढ़ सरकार) किसे लिखा, किस पते पर लिखा? क्या उन्होंने राहुल गांधी या सोनिया गांधी (दोनों पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष) को लिखा है? हमें कोई पत्र नहीं मिला.” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और राज्य पुलिस को पता है कि अधिसूचना किसे भेजी जानी है.

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया ” उन्होंने (राज्य सरकार) कुछ नहीं किया और जानबूझकर जांच में डेढ़ साल की देरी की क्योंकि वे ऐप (महादेव सट्टेबाजी ऐप) के जरिए 508 करोड़ रुपये हासिल करना चाहते थे और उन्हें पैसा मिल गया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सट्टेबाजी ऐप का मतलब अवैध और आपराधिक उद्यम है. एक दिन पहले ही भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और मुख्यमंत्री बघेल से सट्टेबाजी ऐप मामले में पैसे के लेनदेन से उनके कथित संबंधों को स्पष्ट करने को कहा था.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दावा किया कि फॉरेंसिक विश्लेषण और एक कैश कूरियर द्वारा दिए गए बयान से चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं कि महादेव सट्टेबाजी ऐप प्रमोटरों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब तक लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और यह जांच का विषय है. बघेल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.

कथित एजेंट, 38 वर्षीय असीम दास को एजेंसी ने रायपुर में उसके पास से 5.39 करोड़ रुपये नकद बरामद करने के बाद गिरफ्तार कर लिया है. कथित तौर पर उसे यूएई से ऐप प्रमोटरों द्वारा ”सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने के लिए भेजा गया था.”

कांग्रेस ने राज्यों को ” एक परिवार का एटीएम ” बनाने की फर्जी गारंटी से सत्ता हासिल की : केन्द्रीय मंत्री चंद्रशेखर

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस फर्जी गारंटी देकर सत्ता में आती है और राज्यों को एक परिवार का ‘एटीएम’ बना देती है. चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को जन कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन वह फर्जी गारंटी और लोगों को गुमराह करके सत्ता हासिल करना चाहती है, जैसा कि हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ. में स्पष्ट है.

चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस और यूपीए सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के बारे में हर कोई जानता है. कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के चार महीने के भीतर एक ठेकेदार के घर से 109 करोड़ रुपये मिले. गारंटी तो पूरी नहीं हुई लेकिन उन्होंने कर्नाटक को एटीएम बनाने का अपना मकसद पूरा करना शुरू कर दिया. उन्होंने दावा किया, हमने चुनाव से पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो कर्नाटक एक परिवार का एटीएम बन जाएगा और यह सच साबित हुआ.

भाजपा नेता ने कहा कि वह कर्नाटक से हैं, जहां कांग्रेस ने पांच प्रमुख गारंटी दी थी. उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद कांग्रेस ने इन गारंटियों के लाभार्थियों के मानदंड बदल दिए. मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था.

उन्होंने कहा, चुनाव जीतने के बाद मानदंड बदल दिए गए और वहां की सरकार ने कहा कि पिछले वर्षों में स्नातक उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को ही इसका लाभ मिलेगा. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने दक्षिणी राज्य में महिलाओं को प्रति माह 2,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की गारंटी दी थी. चुनाव जीतने के बाद उनकी सरकार ने कहा कि सभी महिलाओं को यह लाभ नहीं मिलेगा.

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस ने हर घर को 2,000 यूनिट मुफ्त बिजली देने की गारंटी दी थी. उन्होंने कहा, लेकिन बिजली दरें बढ. गई हैं और जिन किसानों को 24 घंटे बिजली मिलती थी, उन्हें राज्य में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों के प्रत्येक सदस्य को 10 किलो चावल देने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने मानदंड बदल दिए और गारंटी पूरी नहीं की.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए, चंद्रशेखर ने कहा कि उसने कर्नाटक में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा पास देने का वादा किया था, लेकिन बाद में कहा कि यह एक विशिष्ट श्रेणी के लिए होगा, सभी के लिए नहीं. चंद्रशेखर ने आगे दावा किया कि कर्नाटक में विकास रुक गया है और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कह रहे हैं कि विकास के लिए पैसा नहीं है. मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए 17 नवंबर को मतदान होना है.

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