मछुआरा समुदायों के लिए सुविधाएं और सम्मान सुनिश्चित करने की जरूरत: राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 21 Nov 2025 09:54 PM
मछुआरा समुदायों के लिए सुविधाएं और सम्मान सुनिश्चित करने की जरूरत: राहुल
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नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को विश्व मत्स्य पालन दिवस के अवसर पर कहा कि देश के विभिन्न मछुआरा समुदायों लिए बेहतर सुरक्षा, उचित मूल्य, आधुनिक सुविधाएं और सम्मान सुनिश्चित करने की जरूरत है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”विश्व मत्स्य पालन दिवस पर, मैं भारत भर में मछली पकड़ने वाले समुदायों के साथ खड़ा हूं, जो हमारे समुद्र के विशाल तटों से लेकर हमारी नदियों, झीलों और तालाबों तक से जुड़े हैं.”

राहुल गांधी ने कहा, ”आप हमारी थालियां भरी रखते हैं और हमारी अर्थव्यवस्था को गतिमान रखते हैं. आप हमारे जल के संरक्षक, सदियों पुराने ज्ञान के रखवाले और भारत के सांस्कृतिक ताने-बाने का एक अविभाज्य हिस्सा हैं.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”आइए हम बेहतर सुरक्षा, उचित मूल्य, आधुनिक सुविधाएं, स्वच्छ और स्वस्थ नदियां और समुद्र, आपके बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा और वह सम्मान और प्रतिष्ठा सुनिश्चित करें जिसके आप वास्तव में हकदार हैं.” हर साल 21 नवंबर को विश्व मत्स्य पालन दिवस मनाया जाता है.

नेहरू का लेखन सिर्फ इतिहास नहीं, भारत की चेतना का अभिलेख हैं: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़े दस्तावेजों के एक डिजिटल अभिलेखागार का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को कहा कि नेहरू का लेखन सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि भारत की विकसित होती चेतना का अभिलेख है. ‘जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड’ (जेएनएमएफ) ने नेहरू से संबंधित लगभग 35,000 दस्तावेज और 3000 चित्रों को समेटकर एक बड़ा ‘ऑनलाइन अभिलेखागार’ तैयार किया है.

जेएनएमएफ का कहना है कि ‘नेहरू आर्काइव डॉट इन’ पर नेहरू के संबंध में 1920 से 1960 के दशक तक के कई पहलुओं को समेटा गया है तथा इस पर कोई दस्तावेज मुफ्त में ‘सर्च’ और ‘डॉउनलोड’ किया जा सकता है. राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”नेहरू का लेखन सिर्फ इतिहास नहीं है, वे भारत की विकसित होती चेतना का अभिलेख हैं. हमारे देश की लोकतांत्रिक यात्रा को समझने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए उनके शब्द एक शक्तिशाली दिशा सूचक यंत्र बने हुए हैं.” उन्होंने कहा, ”मुझे खुशी है कि यह विरासत अब सभी के लिए खुली, ‘सर्च’ करने योग्य और नि?शुल्क है. इसका विस्तार होता रहेगा.”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस अभिलेखागार का जिक्र करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पंडित नेहरू और भारत के लिए उनकी महान उपलब्धियों के बारे में जानबूझकर की गई विकृति, दुष्प्रचार और गलत सूचना के युग में सच्चाई और भावी पीढ.ी के लिए उनके लेखन को डिजिटल बनाना सार्थक है. मुझे खुशी है कि ‘द नेहरू आर्काइव’ अब लाइव है.” उन्होंने कहा कि यह जवाहरलाल नेहरू के लेखन (पत्रों, भाषणों, नोट और अन्य सामग्री) का पहला व्यापक और डिजिटल संग्रह है जो सभी के लिए नि:शुल्क सुलभ होगा. ये सभी लेख एक-दूसरे से जुड़े होने के साथ हर किसी के लिए सहज रूप से उपलब्ध होंगे.

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