निठारी हत्याकांड: उच्च सुरक्षा वाली लुक्सर जेल से बाहर आए पंढेर

नोएडा. उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जनपद स्थित नोएडा के सनसनीखेज निठारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा बरी किये जाने के तीन दिन बाद शुक्रवार को मोनिंदर सिंह पंढेर ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल से दोपहर बाद रिहा हो गये.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को पंढेर को बरी कर दिया था. लुक्सर जेल के अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि पंढेर की रिहाई का एक परवाना बुधवार को जेल पहुंच गया था, जबकि दूसरा परवाना शुक्रवार को पहुंचा. उन्होंने बताया कि पंढेर दो मामलों में जेल में बंद थे तथा दोनों परवाना मिलने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया. उन्होंने बताया कि पंढेर को ले जाने के लिए उनका बेटा करमजीत सिंह, वकील और परिवार के कुछ लोग जेल के बाहर मौजूद थे.

पैंसठ-वर्षीय पंढेर ने अपराह्न एक बजकर 40 मिनट पर उच्च सुरक्षा वाली लुक्सर जेल के बाहर कदम रखा. उस वक्त वह सफेद पठानी सूट और उसके ऊपर बंडी पहने हुए थे. उन्होंने पैरों में स्पोर्ट्स शूज पहने थे. सूत्रों ने बताया कि क्षयरोग से ग्रसित होने के चलते पंढेर की स्थिति काफी नाजुक दिखाई दे रही थी.

जेल से बाहर आने के बाद पंढेर पर कोई हमला न कर दे, इस बात को ध्यान में रखकर पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये थे. जेल से निकलने के बाद पंढेर ने मीडिया से कोई बात नहीं की और चुपचाप अपने बेटे के साथ गाड़ी में बैठकर वहां से चले गये.
इसी साल जून में उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल से लुक्सर जेल लाया गया था. बीमारी के कारण उन्हें ‘आइसोलेशन वार्ड’ में रखा गया था.

जेल अधिकारियों के अनुसार, इसी साल जुलाई में लुक्सर जेल में पंढेर से मिलने के लिए उनका बेटा आया था, लेकिन उसके बाद उनसे मिलने कोई नहीं आया. वर्ष 2006 में हुए नोएडा के सनसनीखेज निठारी हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 19 मुकदमे दर्ज किये थे.

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