मुंबई. शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच संभावित गठबंधन पर निर्णय उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे करेंगे और इस मुद्दे पर किसी अन्य की ओर से टिप्पणी अनुचित है. शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने रविवार को यह जानकारी दी.
राउत का बयान ऐसे समय आया है जब एक तरफ उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (उबाठा) के नेता राज ठाकरे को संकेत भेज रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनसे के अध्यक्ष ने हाल ही में मुंबई के एक होटल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की, जिससे उनके अगले राजनीतिक कदम के बारे में अटकलें शुरू हो गई हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थक से आलोचक बने मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ को समर्थन दिया था. राउत ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि गठबंधन पर फैसला लेने वाले केवल उद्धव और राज ही हैं.
शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य राउत ने दावा किया, ”मनसे के जो लोग गठबंधन के खिलाफ बोल रहे हैं, वे राजनीति में देर से आए हैं. दूसरे क्या कहते हैं, उसका कोई महत्व नहीं है. मैंने ठाकरे बंधुओं को कई वर्षों तक करीब से देखा है. मैं जानता हूं कि क्या होने वाला है और क्या नहीं. मुझसे बेहतर कोई नहीं जानता.” वह मनसे नेता संदीप देशपांडे द्वारा शिवसेना (उबाठा) की आलोचना पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे.
राउत ने कहा, ”गठबंधन पर फैसला राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे द्वारा नेता और भाई के तौर पर लिया जाएगा.” इस वर्ष के अंत में होने वाले संभावित नगर निकाय चुनावों से पहले ठाकरे बंधुओं के बीच संभावित सुलह की अटकलें लगाई जा रही हैं. करीब दो दशक पहले अलग-अलग रास्ता अख्तियार करने वाले ठाकरे भाइयों ने हाल में कुछ बयान दिये थे जिससे संकेत मिला कि वे ”मामूली मुद्दों” को नजरअंदाज करके हाथ मिला सकते हैं.