नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाकुंभ पर लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर मंगलवार को पलटवार किया और इस विशाल धार्मिक समागम में नहीं जाने के लिए उस पर ‘औरंगजेब फैन क्लब’ होने का तंज कसा. भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये वही लोग हैं जो मुगल बादशाह की महानता की प्रशंसा करते नहीं थकते.
उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महाकुंभ की प्रशंसा को बर्दाश्त नहीं कर सके, जिसने इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व क्षण में भारतीयों को गर्व से भर दिया. पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे ऐसे किसी भी चीज की सराहना नहीं कर सकते, जिससे भारत के कद में इजाफा होता हो और जिससे समाज में एकता बढ़ती हो.
पुरी के सांसद ने कहा कि चाहे वह जी20 सम्मेलन हो या भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, इन नेताओं ने उनकी आलोचना की. पात्रा ने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद द्वारा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा पर निशाना साधने का हवाला दिया, जबकि टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही थी. कांग्रेस ने उनके विवादास्पद बयान से दूरी बना ली थी.
पात्रा ने कहा कि मोदी ने महाकुंभ के भव्य आयोजन और भारत की आध्यात्मिकता के बारे में सदन में बात की. उन्होंने कहा कि सभी ने उनकी बात सुनी और उनकी प्रशंसा की. त्रिवेदी ने कहा कि कुछ नेता हर चीज में नकारात्मकता खोजते हैं, भले ही वह महाकुंभ जितना भव्य और ऐतिहासिक मौका क्यों न हो. उन्होंने कहा कि ये नेता भारतीय संस्कृति की महानता को कभी स्वीकार नहीं कर सके.
उन्होंने दावा किया कि ‘औरंगजेब फैन क्लब’ को छोड़कर सभी लोग इस विशाल धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे. राज्यसभा सदस्य ने कहा कि सनातन धर्म के उन्मूलन के प्रति सर्मिपत लोगों को इसमें कुछ भी अच्छा नहीं लगा और वे राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां भी नहीं गए. विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने दावा किया कि उन्होंने क्षेत्र, भाषा और जाति के नाम पर समाज को बांटने का काम किया लेकिन संगम में करोड़ों श्रद्धालुओं ने जब डुबकी लगाई तो उनके सारे के सारे प्रयास व्यर्थ चले गए.
विपक्ष ने मोदी के वक्तव्य को ‘डैमेज कंट्रोल’ बताया, भाजपा बोली: महाकुंभ का संदेश दुनिया तक पहुंचाया
विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लोकसभा में महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य को ‘डैमेज कंट्रोल’ का प्रयास करार दिया और कहा कि उन्होंने अपने बयान में इस आयोजन के दौरान में भगदड़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी. दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की संसद से महाकुंभ से निकले एकता के संदेश को दुनिया तक पहुंचाया है और उनकी बातें उन लोगों को पसंद नहीं आईं जो ‘औरंगजेब फैन क्लब’ में शामिल हैं.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री मोदी के वक्तव्य के बाद कहा कि उन्होंने (मोदी ने) आयोजन स्थल पर भगदड़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी और सदन में विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला. उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को रोजगार के बारे में बोलना चाहिए.
राहुल गांधी ने कहा, ”प्रधानमंत्री ने जो कहा, मैं उसका समर्थन करना चाह रहा था. कुंभ हमारी परंपरा, इतिहास और संस्कृति है. हमारी एक ही शिकायत है कि प्रधानमंत्री ने उन लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी, जिन्होंने कुंभ में (भगदड़ के दौरान) जान गंवाई. कुंभ की अपनी जगह है, लेकिन कुंभ में जो युवा गए थे, वे प्रधानमंत्री से एक और चीज चाहते हैं, और वह है रोजगार. प्रधानमंत्री को रोजगार पर भी बोलना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मुताबिक, सदन में विपक्ष के नेता को बोलने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन वे हमें बोलने नहीं देंगे. यही नया भारत है.”
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, ”संसद में प्रधानमंत्री के वक्तव्य के बाद विपक्ष को भी बोलने देना चाहिए था, क्योंकि कुंभ के विषय पर विपक्ष की भी भावनाएं हैं, जिसे लेकर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. इसलिए विपक्ष को भी इस बारे में बोलने देना चाहिए था.” राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता डेरेक ओब्रायन ने संवाददाताओं से कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी का भाषण नुकसान की भरपाई (डैमेज कंट्रोल) वाला भाषण है. वह अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में ‘डैमेज कंट्रोल मोड’ में हैं… वह चाहते हैं कि उनके सांसद तारीफ करें, लेकिन ट्रंप ने टैरिफ लगा दिया है.” उन्होंने कहा, ”यह वही प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने संसद के पटल पर एक भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है. यह वही प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने एक भी संवाददाता सम्मेलन को संबोधित नहीं किया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) सप्ताह में कम से कम एक बार संवाददाता सम्मेलन को अवश्य संबोधित करती हैं.”
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, ”आज प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ को लेकर बयान दिया. निश्चित तौर पर इतने बड़े पैमाने पर कोई दूसरा आध्यात्मिक आयोजन नहीं हुआ है. महाकुंभ में कोई छोटा-बड़ा नहीं था, सब बराबर थे… महाकुंभ से एकता का संदेश दुनिया तक पहुंचाने के लिए हम प्रधानमंत्री को बधाई देते हैं.” केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, ”यह दुनिया में अब तक के सबसे बड़े आयोजनों में से एक था. पवित्र स्नान करने वाले करोड़ों लोगों के प्रति आभार व्यक्त करना महत्वपूर्ण था. प्रधानमंत्री ने संसद में उनका आभार जताया.”
महाकुंभ में भगदड़ की जांच उप्र सरकार ने की, केंद्र के पास आंकड़ा नहीं होता: नित्यानंद राय
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि प्रयागराज महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ की घटना की जांच उत्तर प्रदेश सरकार ने की और उसके (केंद्र) के पास ऐसी घटनाओं में हताहत हुए लोगों का आंकड़ा नहीं होता है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भगदड़ में मारे गए और घायल हुए लोगों की संख्या और कारणों की जांच के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और के. नामदेव के एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए यह जानकारी साझा की.
राय ने कहा कि संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार, विधि व्यवस्था और पुलिस राज्य के विषय हैं. उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन, भीड़ प्रबंधन, भक्तों के लिए सुविधाओं की व्यवस्था, कार्यक्रमों के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा की रोकथाम आदि लोक व्यवस्था से जुड़े हुए हैं, जो राज्य का विषय है.
उन्होंने एक लिखित उत्तर में कहा, ”किसी राज्य में भगदड़ सहित किसी भी प्रकार की आपदा की किसी भी प्रकार की जांच करना और मृत श्रद्धालुओं और घायल व्यक्तियों के परिवारों को वित्तीय सहायता का प्रावधान भी संबंधित राज्य सरकारों के दायरे में आता है. राज्य सरकारें ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए सक्षम हैं. ऐसा कोई डेटा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है.”