कराची/पेशावर. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के खुजदार जिले में रणनीतिक रूप से अहम चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) मार्ग पर स्थित एक जांच चौकी पर उग्रवादियों द्वारा किये गए हमले में चार सैनिक मारे गए. पुलिस ने यह जानकारी दी.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि नकाबपोश बंदूकधारियों ने शनिवार शाम जिले के नाल इलाके में जांच चौकी पर हमला किया और मौके से फरार हो गए. अबतक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों का मानना ??है कि यह हमला बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा किया गया है.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इस वर्ष करीब 300 आतंकी हमले हुए
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा में वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक आतंकवादी हमलों की कुल 284 घटनाएं हो चुकी हैं. रविवार को पेश की गई एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. पाकिस्तान का यह उत्तर-पश्चिमी प्रांत लंबे समय से आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में से एक रहा है.
आतंकवाद रोधी विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन 284 घटनाओं में आतंकवादी हमले की सबसे अधिक 53 घटनाएं उत्तर वजीरिस्तान जिले में हुई हैं. इसके अनुसार इसके बाद बन्नू में 35, डेरा इस्माइल खान में 31, पेशावर में 13 और कुर्रम में आठ घटनाएं दर्ज की गईं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल अब तक खैबर पख्तूनख्वा में 148 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जिनमें से सबसे अधिक 67 आतंकवादी डेरा इस्माइल खान में मारे गए. यह क्षेत्र मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर का गृह जिला भी है. रिपोर्ट के अनुसार इसके अलावा, आतंकवाद से जुड़े मामलों में 1,116 संदिग्धों को नामजद किया गया हैं और इनमें से 95 को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है.
वर्ष 2024 में आतंकवादी हमले की 732 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो 2023 के 651 से अधिक थीं. खैबर पख्तूनख्वा में कानून और व्यवस्था की स्थिति 2021 के मध्य से बिगड़ने लगी और 2023 से हमले और बढ. गए. जनवरी 2023 में पेशावर के पुलिस मुख्यालय पर हुए आत्मघाती हमले में 86 पुलिसकर्मी मारे गए थे और 200 से अधिक घायल हुए थे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के वर्षों में हमलों में पुलिस और सुरक्षा बलों के अलावा, धार्मिक विद्वान, नेता और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को भी निशाना बनाया गया है.