प्रधानमंत्री को गांधी के विचारों से नफरत, जनविरोधी विधेयक का पुरजोर विरोध करेंगे: राहुल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 16 Dec 2025 09:46 PM
प्रधानमंत्री को गांधी के विचारों से नफरत, जनविरोधी विधेयक का पुरजोर विरोध करेंगे: राहुल
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मनरेगा के स्थान पर लगाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान करार दिया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रपिता के विचारों तथा गरीबों के अधिकारों से नफरत है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस ‘जन विरोधी’ विधेयक का सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर विरोध करेगी.

सरकार ने विपक्ष के तीखे विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाया गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी जी को दो चीज़ों से पक्की नफ़रत है – महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से. मनरेगा, महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है – करोड़ों ग्रामीणों की ज़ंिदगी का सहारा है, जो कोविड काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ. मगर, प्रधानमंत्री मोदी को यह योजना हमेशा खटकती रही और पिछले दस सालों से इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रधानमंत्री मनरेगा का नामो-निशान मिटाने पर आमादा है.

कांग्रेस नेता का कहना था, ‘‘मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों पर थी. पहला यह कि रोजग़ार का अधिकार – जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेग. दूसरा यह कि गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता और तीसरा विचार था कि केंद्र सरकार मज़दूरी का पूरा खर्च और समान की लागत का 75 प्रतिशत देगी’’ राहुल गांधी ने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी इसी मनरेगा को बदलकर सारी ताकत सिफऱ् अपने हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं.

उन्होंने दावा किया, ‘‘ बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा, राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा और बजट खत्म होते ही या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा.’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह नया विधेयक महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है. उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने पहले ही भयंकर बेरोजग़ारी से भारत के युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है और अब यह विधेयक ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोज़ी-रोटी को भी खत्म करने का ज़रिया है. हम इस जनविरोधी विधेयक का गांव की गलियों से संसद तक विरोध करेंगे.’’

थरूर का सत्तापक्ष पर कटाक्ष: ‘‘राम का नाम बदनाम ना करो’’

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किए जाने का विरोध किया और देव आनंद की मशहूर फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के एक गीत का उल्लेख करते हुए सत्तापक्ष पर कटाक्ष किया कि ‘‘देखो ओ दीवानो तुम ये काम न करो, राम का नाम बदनाम ना करो.’’ सरकार ने विपक्ष के तीखे विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाया गया है.

थरूर ने कहा, ‘‘महात्मा गांधी का राम राज्य का दृष्टिकोण कभी भी पूरी तरह से राजनीतिक प्रोजेक्ट नहीं था. यह एक सामाजिक-आर्थिक ब्लूंिप्रट था जो गांवों को मज़बूत बनाने पर आधारित था और ग्राम स्वराज में उनका अटूट विश्वास उस दृष्टिकोण का मुख्य हिस्सा था.’’ थरूर ने दावा किया कि मूल अधिनियम में राष्ट्रपिता का नाम रखकर इस गहरे जुड़ाव को स्वीकारा गया था कि सच्ची रोजग़ार गारंटी और तरक्की ज़मीनी स्तर से ही होनी चाहिए, जो सबसे आखिरी व्यक्ति को सबसे पहले रखने के उनके सिद्धांत को दिखाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी का नाम हटाना विधेयक से उसके नैतिक आधार और ऐतिहासिक वैधता को छीनना है. थरूर ने सत्तापक्ष पर कटाक्ष करते हुए फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के एक गीत की यह पंक्ति बोली, ‘‘देखो ओ दीवानो तुम ये काम न करो, राम का नाम बदनाम ना करो.’’

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu