प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन के खिलाफ पहली बार क्लासिकल बाजी जीती, बनाई एकल बढ़त

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 30 May 2024 09:11 PM
प्रज्ञानानंदा ने कार्लसन के खिलाफ पहली बार क्लासिकल बाजी जीती, बनाई एकल बढ़त
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स्टावेंगर. भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने यहां दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ पहली बार क्लासिकल बाजी में जीत दर्ज करते हुए नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में एकल बढ़त बना ली. कार्लसन को रेपिड और ऑनलाइन मुकाबलों में हरा चुके 18 साल के प्रज्ञानानंदा पिछले विश्व कप फाइनल में नॉर्वे के इस खिलाड़ी से हार गए थे लेकिन यहां अंतत: क्लासिकल बाजी में उन्हें 37 चाल में हराने में सफल रहे. इस प्रारूप में कार्लसन और प्रज्ञानानंदा के बीच पिछली तीन बाजियां ड्रॉ रही थी. प्रज्ञानानंदा ने इस जीत के साथ तीन दौर के बाद 5.5 अंक से पुरुष वर्ग में बढ़त बना ली है.

प्रज्ञानानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए जीत दर्ज की और इस हार के साथ कार्लसन तीन अंक के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गए. भारतीय ग्रैंडमास्टर ने अमेरिका के दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी फाबियानो करूआना पर आधे अंक की बढ़त बना रखी है. करूआना ने गत विश्व चैंपियन चीन के डिंग लिरेन को हराया. उनकी क्लासिकल प्रारूप में लिरेन पर यह पहली जीत है. इस हार के साथ लिरेन छह खिलाड़ियों की तालिका में दो अन्य खिलाड़ियों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं. उनके 2.5 अंक हैं. अमेरिका के हिकारू नाकामूरा और फ्रांस के फिरोजा अलीरेजा भी संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर पर हैं.

नाकामूरा ने फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ क्लासिकल बाजी ड्रॉ रहने के बाद आर्मागेडोन (सडन डेथ) बाजी जीतकर डेढ़ अंक हासिल किए. नाकामूरा चौथे दौर में प्रज्ञानानंदा से भिड़ेंगे. नाकामूरा ने प्रज्ञानानंदा के खिलाफ जोखिम भरा खेल खेलने के कार्लसन के फैसले पर कहा, ”उम्मीद करता हूं कि मैग्नस हमारे खिलाफ भी इसी तरह का जोखिम उठाएंगे.” क्लासिकल शतरंज को धीमे शतरंज के रूप में भी जाना जाता है और इसमें खिलाड़ी को चाल चलने के लिए पर्याप्त समय मिलता है और आम तौर पर एक खिलाड़ी के पास कम से कम एक घंटे का समय होता है.

प्रज्ञानानंदा की बहन आर वैशाली भी महिला वर्ग में शीर्ष पर चल रही हैं. उनके भी 5.5 अंक हैं. वैशाली ने तीसरे दौर में यूक्रेन की अन्ना मुजीचुक के खिलाफ क्लासिकल बाजी ड्रॉ रहने के बाद आर्मागेडोन बाजी जीतकर डेढ़ अंक हासिल किए. मुजीचुक को एक अंक मिला. चीन की महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू 4.5 अंक के साथ दूसरे जबकि उनकी हमवतन टिंगजी लेई चार अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं. मुजिचुक, स्वीडन की पिया क्रेमलिंग और भारत की कोनेरू हंपी तीन अंक के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं. टूर्नामेंट के दोनों वर्ग में सात दौर का खेल बाकी है.

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