प्रधानमंत्री ने मेरे टोकने के बाद रैली में एक बार भी परिवारवाद का जिक्र नहीं किया: तेजस्वी

पटना. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके द्वारा टोके जाने के बाद अपनी रैली (बिहार के जमुई में) में एक बार भी परिवारवाद का जिक्र नहीं किया. यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ”ई बिहार ह भैया, इहा कुछ भी हो सकेला. आप सभी की जानकारी के लिए बता दूं, प्रधानमंत्री जी ने आज की रैली में एक बार भी परिवारवाद का जिक्र नहीं किया. आशा है अब मेरे टोकने के बाद फिर करेंगे तो हम भी सूची छपवा देंगे. जय हिन्द, जय बिहार.” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जमुई संसदीय क्षेत्र में एक रैली के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत किए जाने से पहले आज सुबह यादव ने राजग में राजनीतिक घरानों से शामिल राजनेताओं की एक सूची जारी करते हुए उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में ”इस परिवारवाद” का भी जिक्र करेंगे.

यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, ”प्रधानमंत्री मोदी जी आज बिहार में प्रथम चरण के चुनाव वाली चार सीट के लिए प्रचार करने आएंगे. चारों सीट पर सौ प्रतिशत परिवारवादी उम्मीदवार हैं. इनमें से दो उम्मीदवार कथित क्षेत्रीय परिवारवादी पार्टियों के हैं तथा दो उम्मीदवार देश की सबसे बड़ी परिवारवादी पार्टी एवं वंशवादी नेताओं से भरी पड़ी भाजपा के है.” यादव ने अपने पोस्ट में राजग के उम्मीदवारों के बारे में विस्तार से बताते हुए लिखा, ”जमुई से अरुण भारती पूर्व विधान पार्षद ज्योति पासवान के सुपुत्र एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवगंत रामविलास पासवान के दामाद एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद के जीजा जी हैं. औरंगाबाद से सांसद (भाजपा उम्मीदवार) सुशील कुमार सिंह पूर्व सांसद राम नरेश सिंह के बेटे हैं.”

उन्होंने कहा, ”गया से उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी हैं. वह बिहार के मंत्री व एमएलसी संतोष सुमन के पिता तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की विधायक सास ज्योति देवी के समधी हैं. नवादा से विवेक ठाकुर भाजपा उम्मीदवार हैं. वह पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद सीपी ठाकुर के बेटे हैं. अभी तक घोषित उम्मीदवारों में कुछ अन्य भी विशुद्ध परिवारवादी उम्मीदवार हैं. आशा है प्रधानमंत्री जी इस परिवारवाद के बारे में भी जिक्र करेंगे.”

यादव ने राजग के जिन अन्य उम्मीदवारों का जिक्र अपने पोस्ट में किया है उनमें पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद (पूर्व मंत्री व विधायक ठाकुर प्रसाद के बेटे), सासाराम से शिवेश राम (पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद मुन्नी लाल के बेटे), हाजीपुर से चिराग पासवान (पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व सांसद दिवगंत रामविलास पासवान जी के बेटे), समस्तीपुर से शांभवी चौधरी (बिहार के मंत्री व विधान पार्षद अशोक चौधरी की बेटी और पूर्व मंत्री व विधायक दिवंगत महावीर चौधरी की पौत्री), शिवहर से लवली आनंद (पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी तथा वर्तमान विधायक चेतन आनंद की माता), वाल्मीकिनगर से सुनील कुमार (पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद वैद्यनाथ महतो के बेटे), पश्चिम चंपारण से संजय जायसवाल (पूर्व सांसद मदन जायसवाल के बेटे), मधुबनी से अशोक यादव (पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद हुकुमदेव यादव के बेटे), वैशाली से वीणा देवी (जदयू एमएलसी दिनेश सिंह की पत्नी) और सीवान से विजय लक्ष्मी (पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा की पत्नी) के नाम शामिल हैं.

यादव ने बुधवार को कहा था कि चाहे प्रधानमंत्री हों या कोई अन्य नेता, चुनाव प्रचार अभियान में शामिल सभी राजग नेताओं से बिहार के लोग जानना चाहते हैं कि पांच साल पहले राजग को मिले भारी समर्थन के बदले में उन्हें क्या मिला है. यादव ने आरोप लगाया था, ”पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 में से 39 सीट राजग के खाते में गईं. लेकिन अब लोगों को लगता है कि उन्हें धोखा दिया गया है.” हालांकि, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा, ”जमुई में अपने भाषण में प्रधानमंत्री अपनी उपलब्धियों को गिनाएंगे और भविष्य के लिए अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे. दूसरी ओर विपक्ष के पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है. वे मोदी का अपमान करने में व्यस्त हैं.”

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