नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘अरबपति राज’ ब्रिटिश राज से भी ज्यादा असमानता वाला है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि जब दुनिया भर में ‘अरबपति टैक्स’ के विचार को लेकर कई देश एकजुट हो रहे हैं तो भारत सरकार ने चुप्पी साध रखी है.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”भारत में 2023 में हर पांच दिन में एक नया अरबपति बना है. अरबपतियों की सूची में नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री के सबसे करीबी मित्र शीर्ष पर हैं.” उन्होंने आरोप लगाया, ”नरेन्द्र मोदी का अरबपति राज ब्रिटिश राज से भी अधिक असमानता से भरा है. लेकिन यही इस सरकार की आर्थिक नीति निर्धारण का आधार भी है.” रमेश ने कहा कि यही कारण है कि ऐसे समय में जब दुनिया भर के देश ‘अरबपति टैक्स’ के विचार पर एकजुट हो रहे हैं, भारत स्पष्ट रूप से चुप्पी साधे हुए है और तेजी से बढ़ती आर्थिक असमानताओं के प्रति आंखें मूंदे बैठा है.
राष्ट्रपति को किसी एक राज्य नहीं, पूरे देश के आक्रोश को व्यक्त करना चाहिए: कांग्रेस
कांग्रेस ने कोलकाता में एक महिला चिकित्सक की बलात्कार के बाद हत्या की घटना की पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा की गई टिप्पणी का बृहस्पतिवार को स्वागत किया और साथ ही यह भी कहा कि यह अच्छा रहेगा कि वह किसी क्षेत्र या राज्य विशेष का नहीं, बल्कि पूरे देश के आक्रोश को व्यक्त करें.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘पीटीआई-भाषा’ के लिए एक विशेष लेख में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर आक्रोश जाहिर करने के साथ ही इस पर अंकुश लगाने का आह्वान करते हुए कहा था कि बस! बहुत हो चुका. राष्ट्रपति ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत ऐसी ”विकृतियों” के प्रति जागरूक हो और उस मानसिकता का मुकाबला करे जो महिलाओं को ”कम शक्तिशाली”, ”कम सक्षम” और ”कम बुद्धिमान” के रूप में देखती है.
राष्ट्रपति मुर्मू की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ”मैं राष्ट्रपति के इस बयान और इस हस्तक्षेप का स्वागत करता हूं. पूरा देश गुस्से में है. इसलिए यह स्वाभाविक है कि राष्ट्रपति उस आक्रोश का प्रतिनिधित्व करती हैं जो देश महसूस कर रहा है, लेकिन देश का आक्रोश सिर्फ कोलकाता की घटना को लेकर नहीं है. फर्रुखाबाद, कोल्हापुर, बदलापुर, पुणे, रत्नागिरि, जोधपुर, कटनी, ऐसे न जाने कितनी घटनाएं हुई हैं.” उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में रोजाना किसी न किसी घटना के बारे में सुनने को मिलता है. खेड़ा ने कहा कि यदि राष्ट्रपति देश भर में व्याप्त आक्रोश का प्रतिनिधित्व करें तो अच्छा रहेगा.