लोकसभा नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग करते हुए ‘दिल्ली चलो’ मार्च में भाग लिया।
दूसरी ओर, SIR पर मचे बवाल के बीच राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तख्तापलट की बात कबूल की। उन्होंने कहा हम न्याय और लोकतंत्र के लिए मार्च निकाल रहे हैं। वोट चोरी के खिलाफ यह जन आंदोलन किया जा रहा है। लेकिन यह सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। उन्होंने आगे कहा, हम पहले ज्ञानेश कुमार को हटाएंगे फिर PM मोदी और अमित शाह को।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राहुल गांधी से CJP के प्रोटेस्ट को लेकर पूछा गया कि सवाल किया कि दिल्ली में छात्रों और नागरिक संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बीच कांग्रेस का आंदोलन किस मुद्दे पर है और क्या ये अलग-अलग प्रदर्शन हैं? इस पर जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोई पैरेलल आंदोलन नहीं है, बल्कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक ही प्रोटेस्ट है।
राहुल गांधी ने कहा, “कोई पैरेलल प्रोटेस्ट नहीं है, एक ही प्रोटेस्ट है – ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र और अमित शाह को, हम रुकने वाले नहीं हैं।” ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर PM मोदी, शाह और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।