गोधरा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने ‘मोहब्बत की दुकान’ नारे को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता वास्तव में ”नफरत का मेगा मॉल” चला रहे हैं. नड्डा ने गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया.
नड्डा ने मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के बाद पंचमहाल जिले के गोधरा में एक रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर ”परिवार केंद्रित दलों” में बदलने और आमजन के कल्याण की चिंता नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ”मोदी जी को वैश्विक मंच पर जब भी सराहा जाता है, तो कांग्रेस के लोग परेशान हो जाते हैं. हमारे प्रधानमंत्री का विरोध करने की कोशिश में कांग्रेस नेताओं ने हमारे देश का विरोध करना शुरू कर दिया है.”
भाजपा नेता ने कहा, ”राहुल गांधी यह कहने के लिए ब्रिटेन तक गए कि लोकतंत्र खतरे में है. उनकी दादी (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी) ने 1975 में देश में आपातकाल लागू किया था और 1.5 लाख लोगों को जेल में बंद किया था. अब वह लोकतंत्र की बात कर रहे हैं.” नड्डा ने कांग्रेस नेताओं पर ‘घटिया दर्जे की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने के लिए ”नीच, बिच्छू, सांप और चायवाला” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.
उन्होंने कहा, ”आप परेशान हैं, क्योंकि मोदी जी देश के 140 करोड़ नागरिकों की सेवा कर रहे हैं. मुझे हैरानी होती है कि आप ‘मोहम्मद की दुकान’ चलाने का दावा कैसे कर सकते हैं, जब आप मोदी जी के खिलाफ लगातार नफरत फैला रहे हैं. आपको यह बात दिमाग में रखनी चाहिए कि आप वास्तव में ‘मोहब्बत की दुकान’ नहीं, ‘नफरत का मेगा मॉल’ चला रहे हैं.” भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों की सेवा करने में व्यस्त हैं, जबकि विपक्षी दल अपने परिवारों को बचाने में व्यस्त हैं.
उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति, जिसे अब भारत राष्ट्र समिति कहा जाता है), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) के साथ-साथ चौटाला और बादल परिवारों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इन राजनीतिक दलों को केवल अपने परिवारों की चिंता है और नेतृत्व का जिम्मा केवल इन परिवारों के वारिसों को ही सौंपा जाता है.
नड्डा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ”ये राजनीतिक दल अपने परिवारों को बचाने के लिए लड़ रहे हैं. उन्हें आपकी चिंता नहीं है. दूसरी ओर, मोदी जी देश के लिए लड़ रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”कांग्रेस अब केवल एक परिवार केंद्रित पार्टी बनकर रह गई है. यह केवल तीन लोगों सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की पार्टी बनकर रह गई है. कांग्रेस के बाकी सभी नेता संविदा पर हैं.”