‘संचार साथी’ लोगों को धोखाधड़ी से बचाएगा, उनकी जासूसी नहीं करेगा: भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 02 Dec 2025 08:21 PM
‘संचार साथी’ लोगों को धोखाधड़ी से बचाएगा, उनकी जासूसी नहीं करेगा: भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर ‘संचार साथी’ ऐप के बारे में “गलत सूचना” फैलाने का मंगलवार को आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि इस ऐप का मकसद लोगों पर नजर रखना नहीं, बल्कि धोखाधड़ी और अन्य अपराधों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सरकार के इस स्पष्टीकरण को दोहराया कि अगर उपयोगकर्ता ‘संचार साथी’ का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो वे इस ऐप को अपने मोबाइल फोन से हटा सकते हैं.

पात्रा ने यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे पता है कि इसे कौन हटाएगा. चोर की दा­ढ़ी में तिनका.” उन्होंने परोक्ष रूप से ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले का जिक्र करते हुए कहा, “आप अच्छी तरह से जानते हैं कि वे कौन हैं. उनके खिलाफ एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई है. उन्होंने 5,000 करोड़ रुपये की ठगी की है. फिलहाल, वे जमानत पर बाहर हैं.” ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी आरोपी हैं.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ‘संचार साथी’ ऐप को लेकर सरकार का निर्देश तानाशाही सरीखा है और नागरिकों के निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है. पार्टी ने ‘संचार साथी’ को एक “जासूसी ऐप” करार देते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की. स्मार्टफोन निर्माताओं और आयातकों को सभी नये मोबाइल उपकरणों में सरकारी साइबर सुरक्षा ऐप ‘संचार साथी’ को पहले से लोड करने के दूरसंचार विभाग के निर्देश पर उपजे विवाद के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उपयोगकर्ता चाहें तो इस ऐप को मोबाइल से हटा सकते हैं और पंजीकरण न किए जाने तक यह सक्रिय नहीं होगा. हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि ‘संचार साथी’ ऐप लोगों की आवाज दबाने की भाजपा की एक और कोशिश है. उन्होंने कहा कि सभी नये मोबाइल उपकरणों में इस ऐप को पहले से लोड करने का सरकार का निर्देश तानाशाही के समान है.

पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए कहा, “खरगे साहब, इस ऐप का मकसद लोगों की आवाज दबाना नहीं है, बल्कि उनकी आवाज और उनके मोबाइल फोन को सुरक्षित करना है, जिसके बिना आज जीवन कठिन है. हमें उपकरण को सुरक्षित बनाने की आवश्यकता है. इसीलिए सरकार यह ऐप लेकर आई है.” उन्होंने आरोप लगाया, “आप गलत जानकारी फैलाते रहते हैं. लेकिन लोग इसे नजरअंदाज करना और आगे ब­ढ़ना जानते हैं.”

खरगे के इस आरोप पर कि सरकार ने आयकर कानूनों को ध्वस्त कर दिया है, पात्रा ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, “उन्हें निश्चित रूप से इससे समस्या होगी. कांग्रेस इतने लंबे समय से कर चोरी में लिप्त थी. राहुल गांधी पर मुकदमा भी चल रहा है.” भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष के इस आरोप को लेकर उन पर पलटवार किया कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम 2023 के जरिये (भारतीय सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की) धारा 8(1)(जे) में फेरबदल करके आरटीआई का गला घोंट दिया गया है.

उन्होंने पूछा, “खरगे साहब, कुछ भी नहीं छिपाया जा रहा है. उच्च न्यायालय हैं, शीर्ष अदालत है. क्या आपने अदालत का रुख किया है.” पात्रा ने ‘पेगासस विवाद’ से जुड़े आरोपों को लेकर भी खरगे पर निशाना साधा और कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही इस मामले को खारिज कर चुका है. उन्होंने सवाल किया, “राहुल गांधी ने दावा किया था कि उनके फोन में पेगासस स्पाइवेयर डाला गया है, लेकिन उन्होंने अपना फोन जांच के लिए क्यों नहीं सौंपा?” पात्रा ने दोहराया कि सरकार ‘संचार साथी’ ऐप के जरिये लोगों की “किसी भी तरह की जासूसी” नहीं करना चाहती.

उन्होंने कहा, “यह ऐप आपके संदेश नहीं प­ढ़ सकता. यह आपकी ‘इनकमिंग’ या ‘आउटगोइंग’ फोन कॉल नहीं सुन सकता. ‘संचार साथी’ आपके निजी डेटा तक नहीं पहुंच सकता या उसमें सेंध नहीं लगा सकता.” भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “तो फिर इसका काम क्या है? इसका काम उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करना, धोखाधड़ी पर लगाम लगाना और चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाना, उसे वापस पाना तथा मालिकों को लौटाना है.”

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