नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव पर रोक लगाने के पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से मंगलवार को इनकार कर दिया. कुछ दिन पहले ही कुश्ती की वैश्विक संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने चुनाव समय पर नहीं कराने के लिए डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर दिया था. इस फैसले के मद्देनजर देश के पहलवान आगामी विश्व चैंपियनशिप में भारत की ओर से भाग नहीं ले पाएंगे.
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मित्तल की पीठ ने याचिकाकर्ता आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती संघ से अपनी शिकायतें लेकर उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा. पीठ ने कहा, ”हमें इस पर सुनवाई क्यों करनी चाहिए? आप उच्च न्यायालय जाइए… अंतरिम रोक हटाने के लिए अर्जी दायर करने के बजाय याचिकाकर्ता ने उच्चतम न्यायालय आने का फैसला किया. अत: हम इस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हैं.” उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय से यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ता अभ्यारोपण की याचिका दाखिल करते हैं तो मामले को प्राथमिकता दें.
संघ के वकील ने कहा, ”चुनाव प्रक्रिया रोकी नहीं जानी चाहिए.” केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय की अनदेखी की है और सीधे शीर्ष अदालत में आ गये. उच्चतम न्यायालय आंध्र प्रदेश एमेच्योर कुश्ती संघ की उच्च न्यायालय के 11 अगस्त को दिए आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर रहा था.