निर्वाचित मुख्यमंत्रियों को जेल भेजना तानाशाही की शुरुआत है: आप सांसद संजय सिंह

तिहाड़ जेल में छह महीने रहने के बाद 'अन्याय, तानाशाही' से लड़ने का संकल्प मजबूत हुआ: संजय सिंह

नयी दिल्ली. तिहाड़ जेल से रिहा होने के एक दिन बाद आम आदमी पार्टी (आप) सांसद संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित हनुमान मंदिर में पूजा की और कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को सदबुद्धि देने के लिए प्रार्थना की है. उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी को भी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने राजघाट पर कहा कि जिस तरह से दिल्ली और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को जेल भेजा गया, वह देश में ‘तानाशाही’ की शुरुआत है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “वे (केंद्र सरकार) अन्य मुख्यमंत्रियों को जेल भेजने की तैयारी कर रहे हैं. यह देश में लोकतंत्र और संविधान के लिए बहुत खतरनाक है और हमें इसके खिलाफ लड़ने की जरूरत है.” उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासकों के खिलाफ लड़ाई लड़ी क्योंकि उस समय बोलने और सम्मान के साथ जीने की आजादी नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि आजादी के 77 साल बाद अब वही स्थिति पैदा हो गई है.

राज्यसभा सदस्य सिंह ने कहा, “मैं यहां महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने और उनका आशीर्वाद लेने आया हूं. मैंने इस सरकार को सदबुद्धि देने के लिए प्रार्थना की ताकि वह देश में लोगों की आजादी, लोकतंत्र और संविधान के साथ खिलवाड़ करना बंद कर दे.” सिंह को अब रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को जमानत दे दी थी, जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया.

सिंह ने मंदिर में पूजा करने के बाद कहा, “भगवान हनुमान के आशीर्वाद से मुझे जमानत मिल गई. मैं अपनी पत्नी के साथ यहां हनुमान जी का दर्शन करने आया हूं. मैंने आप के अन्य नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के जल्द जेल से बाहर आने के लिए प्रार्थना की है.” बुधवार को तिहाड़ से रिहा होने के बाद सिंह और उनकी पत्नी अनीता ने केजरीवाल की पत्नी सुनीता से उनके आवास पर मुलाकात की. बृहस्पतिवार को वह जेल में बंद आप नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के परिवारों से भी मुलाकात करेंगे.

उन्होंने अपने आवास से बाहर निकलते समय संवाददाताओं से कहा ” आप कार्यकर्ताओं के बीच कल रात का उत्साह यह दर्शाता है कि वर्तमान स्थिति में जब अन्याय और अत्याचार की सभी सीमाएं पार हो गई हैं और एक तानाशाही सरकार ने एक मुख्यमंत्री को सलाखों के पीछे डाल दिया है, जिसे दिल्ली के दो करोड़ लोगों द्वारा चुना गया था… आप के सभी मंत्री, विधायक और पदाधिकारी अपने नेता अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं.”

तिहाड़ जेल में छह महीने रहने के बाद ‘अन्याय, तानाशाही’ से लड़ने का संकल्प मजबूत हुआ: संजय सिंह
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि जेल में छह महीने बिताने के बाद उनका मनोबल बढ़ा है और साथ ही “अन्याय एवं तानाशाही” के खिलाफ लड़ने का संकल्प मजबूत हुआ है. जमानत मिलने के बाद बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आए सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा कि जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन भी जल्द रिहा होंगे.

सिंह 13 अक्टूबर, 2023 से राष्ट्रीय राजधानी की उच्च सुरक्षा वाली जेल में बंद थे. उन्हें पिछले साल चार अक्टूबर को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उन्हें जमानत दे दी थी. केजरीवाल और सिसोदिया को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया है, जबकि जैन धनशोधन के एक अलग मामले में जेल में बंद हैं.

सिंह ने कहा, ”हमने हमेशा अत्याचार, अन्याय और तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है. चाहे वह किसानों का मुद्दा हो, महंगाई हो, मणिपुर हिंसा हो या दिल्ली से जुड़े मुद्दे हों, हमने हमेशा उनके बारे में बात की है और छह महीने बाद भी ऐसा करना जारी रखेंगे.” उन्होंने यहां आम आदमी पार्टी (आप) कार्यालय में पीटीआई-भाषा से कहा, “इस लड़ाई से मुझे अधिक ताकत और आत्मविश्वास मिला है तथा मेरा मनोबल सातवें आसमान पर है. मुझे जेल में पढ़ने का मौका मिला.” सिंह ने केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देने के बारे में अपनी पार्टी का रुख दोहराया.

उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार करने और फिर उनसे इस्तीफा मांगने का चलन शुरू हो गया तो लोकतंत्र नहीं बचेगा.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मांग है कि जेल में जाने के बाद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा था कि “सरकार जेल से नहीं चलेगी”.

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