शिवाजी महाराज की ढही प्रतिमा नौसेना ने बनायी थी, सरकार बड़ी प्रतिमा स्थापित करेगी : फडणवीस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 27 Aug 2024 09:15 PM
शिवाजी महाराज की ढही प्रतिमा नौसेना ने बनायी थी, सरकार बड़ी प्रतिमा स्थापित करेगी : फडणवीस
ऑडियो सुनें

मुंबई/सिंधुदुर्ग. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि एक दिन पहले सिंधुदुर्ग जिले में ढही छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा नौसेना ने बनायी थी और राज्य सरकार ने अब उसी स्थान पर मराठा योद्धा की एक विशाल प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल चार दिसंबर को नौसेना दिवस पर सिंधुदुर्ग की मालवण तहसील के राजकोट किले में 17वीं सदी के मराठा साम्राज्य के संस्थापक की 35 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था. यह प्रतिमा सोमवार दोपहर को ढह गयी थी.
फडणवीस ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ”प्रतिमा के निर्माण की देखरेख राज्य सरकार ने नहीं बल्कि नौसेना ने की थी. प्रतिमा के निर्माण और स्थापना के लिए जिम्मेदार लोगों ने महत्वपूर्ण स्थानीय कारकों जैसे कि तीव्र हवा गति और इसमें इस्तेमाल लोहे की गुणवत्ता को नजरअंदाज कर दिया होगा. समुद्र से उठने वाली हवाओं के संपर्क में आने के कारण प्रतिमा में जंग लगने का खतरा अधिक होगा.” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अब सवाल यह है कि क्या प्रतिमा के निर्माताओं ने इन सभी कारकों को समझा था.

उन्होंने कहा, ”हमारा संकल्प उसी स्थान पर छत्रपति शिवाजी महाराज की और बड़ी प्रतिमा बनाने का है.” उन्होंने कहा कि प्रतिमा ढहने की घटना की जांच की जा रही है. इस घटना को लेकर विपक्षी दलों द्वारा निशाना साधे जाने के बारे में पूछने पर फडणवीस ने कहा, ”प्रतिमा का गिरना दुखद है लेकिन इस पर विपक्षी दलों का रुख उचित नहीं है. इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोई जरूरत नहीं है.” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिमा गिरने के बाद सोमवार को दावा किया कि प्रति घंटे 45 किलोमीटर की गति से चली हवा के कारण यह घटना हुई. विपक्षी दलों ने यह कहते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस प्रतिमा को जल्दबाजी में स्थापित किया गया था.

शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने पर राजनीति न करें : केसरकर

महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने मंगलवार को सुझाव दिया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और उसी स्थान पर 100 फुट ऊंची एक नयी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव किया. सिंधुदुर्ग के मालवण तहसील स्थित राजकोट किले में पिछले साल चार दिसंबर को नौसेना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मराठा शासक की 35 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था, जो तेज हवाओं के बीच सोमवार की दोपहर गिर गई. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रतिमा का निर्माण नौसेना ने कराया था.

तटीय सिंधुदुर्ग जिले से ताल्लुक रखने वाले केसरकर ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार द्वारा जांच करा देने भर से जन भावनाएं शांत नहीं की जा सकती. केसरकर ने संवाददाताओं से कहा, ”अरब सागर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित किये जाने तक, मालवण में मराठा शासक की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए. प्रतिमा करीब 100 फुट ऊंची होनी चाहिए.” उन्होंने प्रतिमा गिरने का संदर्भ देते हुए कहा कि इस घटना से कुछ अच्छा परिणाम आना चाहिए.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu