सिलीगुड़ी. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने रविवार को सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा इलाके में मारी गई एक लड़की के घर का दौरा करने के बाद कहा कि कन्या के जीवन के बिना ‘कन्याश्री कार्यक्रम’ का क्या मतलब. नेपाली-माध्यम से पढ़ाई कर रही कक्षा 11वीं की छात्रा का स्कूल से घर लौटते समय आरोपी ने अपहरण कर लिया था और वह उसे एक खंडहर घर में ले गया, जहां उसने यौन उत्पीड़न के प्रयास का विरोध करने पर पत्थर से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी. लड़की का शव सोमवार शाम को मिला और बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.
राज्यपाल ने दार्जिलिंग से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद राजू बिस्ता के साथ माटीगाड़ा इलाके के तुम्बाजोट में लड़की के घर का दौरा किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. बोस ने उनकी चिंताओं को सुना और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.
अपने दौरे के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा, ”हम उस भयानक घटना से बहुत दुखी हैं जिसने बहुत ही क्रूर तरीके से बच्ची को हमसे छीन लिया. पश्चिम बंगाल या अन्य जगहों पर किसी भी बच्ची के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”आठ फरवरी को पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने पहले संबोधन में मैंने घोषणा की थी कि हमारी मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाएंगी. मैंने कन्याश्री कार्यक्रम की उपलब्धियों का जिक्र किया था, लेकिन कन्या के जीवन के बिना कन्याश्री का क्या मतलब. जब तक समाज बालिकाओं के जीवन की रक्षा नहीं करता, बड़े-बड़े दावे करने का क्या मतलब?”
कन्याश्री तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नीत सरकार की प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर और कम उम्र में शादी को कम करना है. पीड़िता की मां से बातचीत पर राज्यपाल कहा कि वह तो यही चाहती हैं कि देश में किसी और लड़की के साथ ऐसी घटना न घटे.
राज्यपाल ने कहा, ”उन्होंने मुझे यह भी बताया कि यह जगह, शायद अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से निकटता के कारण, अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी का अड्डा बन गई है. नि्क्रिरयता के लिए बहाना नहीं बल्कि कार्रवाई की आवश्यकता है. एक दूसरे पर दोषारोपण करने का कोई मतलब नहीं है. मैं यहां आरोप-प्रत्यारोप के लिए नहीं आया हूं. हमें शवों या बच्चियों के सम्मान पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.” बोस ने कहा, ”हमें यह सुनिश्चित करने के लिए बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है कि ऐसी भयानक घटनाएं न हों. सीमावर्ती इलाकों में इस तरह के आपराध को रोकना होगा.
‘चिकन नेक कॉरिडोर’ हमारे लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और हम यहां अपराध को बढ़ने नहीं दे सकते.” हत्या की घटना के विरोध में कई राजनीतिक दलों ने शनिवार को दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में 24 घंटे का बंद बुलाया था, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से बृहस्पतिवार को सिलीगुड़ी में 12 घंटे का बंद बुलाया गया, जिसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा.