कोझिकोड. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता मीनाक्षी लेखी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि विवादास्पद फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म है और उन्हें उम्मीद थी कि न तो लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) व न ही यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) इस बात को स्वीकारेगा क्योंकि वे कोझिकोड में चाहे अनचाहे हमास की तुष्टिकरण रैली का समर्थन कर रहे थे.
केंद्रीय मंत्री लेखी ने चुनाव प्रचार के हिस्से के रूप में यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए फलस्तीन एकजुटता सम्मेलन के आयोजकों से पूछा कि वे रैली के जरिये किसे खुश करने की कोशिश कर रहे थे. लेखी ने कहा, ”द केरल स्टोरी’ सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म है. यह उच्च न्यायालय का फैसला है. जिन लोगों ने भुगता, वे जिंदा हैं. मुझे नहीं लगता कि एलडीएफ या फिर यूडीएफ कहानी को स्वीकारेंगे, वो भी सिर्फ इस वजह से कि वे उन लोगों में से एक थे, जो कोझिकोड में हमास की तुष्टिकरण रैली का चाहे अनचाहे समर्थन कर रहे थे.”
उन्होंने पूछा, ”हमास एक विदेशी इकाई है, जो देश से बाहर की है. शहर में रैली के आयोजन कर आप किसे खुश करने का प्रयास कर रहे थे? क्या योजना थी? आप किसको संतुष्ट कर रहे हैं.” केरल में सत्तारूढ. वाम दल और विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ ने फलस्तीन के समर्थन में कई रैलियों का आयोजन किया था.
विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर लेखी ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त थे. उन्होंने कहा, ” ईडी की कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि वे (विपक्षी नेता) भ्रष्ट गतिविधियों में संलिप्त थे. ईडी एक तरह की वित्तीय पुलिस है.” केरल में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान 26 अप्रैल को होगा और नतीजे चार जून को आएंगे.