नौ मार्च तक उच्च पेंशन का विकल्प चुनने के लिए 1,20,279 लोगों ने आवेदन किया : सरकार

नयी दिल्ली. कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत 9 मार्च 2023 तक 1,20,279 लोगों ने उच्च पेंशन का विकल्प चुनने के लिए आॅनलाइन आवेदन किया है. संसद को यह जानकारी बृहस्पतिवार को दी गई. पिछले साल नवंबर में उच्चतम न्यायालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से उसके सदस्यों के साथ-साथ पेंशनभोगियों को ईपीएस-95 में उनके वास्तविक वेतन में योगदान करने के लिए चार महीने का समय देने को कहा गया था.

कई ईपीएफओ सदस्य 15,000 रुपये प्रति माह की सीमा (पेंशन योग्य वेतन) पर योगदान दे रहे हैं जो उनके वास्तविक वेतन से कम है. यह विकल्प लाभार्थियों को अंतत: उच्च पेंशन प्राप्त करने में सक्षम करेगा. श्रम और रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में कहा, ‘‘नौ मार्च 2023 तक, कर्मचारियों द्वारा ईपीएफओ के एकीकृत पोर्टल पर 1,20,279 आवेदन/संयुक्त विकल्प आॅनलाइन आवेदन किए गए थे.’’ मंत्री ने बताया कि 4 नवंबर, 2022 के उच्चतम के फैसले में दिए गए निर्देशों के अनुसार लाभार्थियों की कुल संख्या, संयुक्त विकल्प का प्रयोग करने वाले कर्मचारियों और पात्र कर्मचारियों की संख्या पर निर्भर करेगी.

उन्होंने कहा कि ऐसे पेंशनरों के लिए मासिक पेंशन भुगतान की मात्रा उच्च वेतन पर पेंशन के विकल्प का प्रयोग करने वाले पात्र सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगी. उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले के अनुसार ईपीएफओ द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, उच्च वेतन पर पेंशन का संयुक्त विकल्प केवल उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है, जहां कर्मचारी और नियोक्ता का योगदान वास्तविक वेतन पर है और जो प्रचलित वेतन सीमा से अधिक है और ऐसे लोगों के लिए है जिन्होंने ईपीएस-95 का सदस्य रहते हुए के संशोधन से पहले पैरा 11(3) के तहत संयुक्त विकल्प का प्रयोग नहीं किया था. साथ ही वे एक सितंबर 2014 को या उसके बाद सदस्य बने रहे.

सदन को दिए एक अन्य जवाब में, मंत्री ने कहा कि 10 मार्च, 2023 तक कुल 28.64 करोड़ असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है. उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2022 तक कुल 3,250 अभ्यावेदन शिकायत प्रबंधन प्रणाली में दर्ज किए गए हैं, जो ई-श्रम पंजीकरणकर्ताओं द्वारा आकस्मिक मृत्यु/विकलांगता का दावा करते हैं. उन्होंने सदन को यह भी बताया कि 13 मार्च, 2023 तक 2.79 करोड़ घरेलू और घरेलू कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, जिनमें से 2.67 करोड़ महिलाएं हैं.

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