नयी दिल्ली. राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद डोटासरा के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को तलब किए जाने के समय, उद्देश्य और नीयत को संदिग्ध करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि जांच एजेंसी की पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है.
कांग्रेस नेता ने यह दावा भी किया कि विधानसभा चुनाव से कुछ दिनों पहले ईडी की कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कमजोर हो चुकी है और उसे अपनी हार दिखाई दे रही है. ईडी ने राजस्थान में कथित परीक्षा पत्र लीक मामले की धन शोधन जांच के सिलसिले में बृहस्पतिवार को कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के जयपुर और सीकर में स्थित परिसरों पर छापे मारे तथा विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे को 27 अक्टूबर को तलब किया है.
पायलट ने संवाददाताओं से कहा, ”आज राजस्थान में जांच एजेंसी ने जो कार्रवाई की है, उसका समय, उद्देश्य और नीयत पूरी तरह संदिग्ध है. एजेंसियों का लगातार दुरुपयोग हो रहा है. चुनाव से ठीक पहले एजेंसी का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया है, उसे देश और प्रदेश बहुत गंभीरता से देख रहा है.” उन्होंने दावा किया, ”आज बिना नोटिस के जिस तरह से राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जी के घर छापा मारा गया. यह इस बात का संकेत है कि अगर भाजपा राजनीतिक तौर पर कमजोर पड़ेगी तो जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करेगी और लोगों में डर पैदा करेगी.”
पायलट का कहना था, ”कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ है. अगर कोई निष्पक्ष जांच होती है और कोई भी प्रमाण मिलता है तो कार्रवाई हो, लेकिन राजनीति से प्रेरित कार्रवाई लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.” वैभव गहलोत को ईडी द्वारा समन भेजे जाने पर उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव गहलोत को जिस मामले में तलब किया गया है, वो 12 साल पुराना है. चुनाव तारीखों के ऐलान के बाद अचानक से समन भेजा जाना, सब समझते हैं इसके पीछे क्या सोच हो सकती है.” पायलट ने कहा, ”राहुल गांधी जी से हम लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए. उनके ऊपर भी कई मामले थोपे गए. कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को किसी से भी डरने की जरुरत नहीं है. हम यह चुनाव मजबूती के साथ लड़ेंगे और जीतेंगे.”