कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने सत्तारूढ. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों के बाद आतंक का राज कायम करने का शुक्रवार को आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि टीएमसी का कुशासन राज्य में पिछली वामपंथी सरकार से भी अधिक है. पूर्व केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में भाजपा का चार सदस्यीय एक तथ्यान्वेषी दल पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए पिछले दो दिन से राज्य का दौरा कर रहा है.
राज्य के सबसे अधिक हिंसा प्रभावित जिलों में से एक, कूचबिहार का दौरा कर रहे प्रसाद ने कहा कि हिंसा का यह दौर समाप्त होना चाहिए. उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ”क्या यह लोकतंत्र का प्रतीक है? चुनाव के बाद की हिंसा में बहुत से लोग मारे गये और कई बेघर हो गये. टीएमसी का कुशासन सभी प्रकार के कुशासन और अत्याचार की सीमाओं को पार कर गया है.”
विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सुरक्षा करने में विफल रहने के लिए राज्य प्रशासन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ”क्या अन्य राजनीतिक दलों को वोट देने से बंगाल में गोलियां मिलती हैं.” उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र में सभी को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से मतदान करने का अधिकार है. लेकिन क्या इसका यह मतलब है कि जो लोग विपक्षी दलों को वोट देंगे या उनका समर्थन करेंगे उन्हें गोली मिलेगी या वे बेघर हो जाएंगे?” भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पिछले महीने से पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान 38 से अधिक लोगों की हत्याओं का हवाला देते हुए राज्य में धारा 355 लागू करने की मांग कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि आठ जून को चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद से चुनाव संबंधी हिंसा में 19 लोगों की मौत हुई है, जिनमें ज्यादातर उनकी पार्टी टीएमसी के थे. पुलिस सूत्रों ने मरने वालों की संख्या 38 बताई है और बताया है कि जान गंवाने वाले कम से कम 60 प्रतिशत लोग टीएमसी से जुड़े थे.
टीएमसी की वरिष्ठ मंत्री शशि पांजा, पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष के साथ, पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए नंदीग्राम गई. उन्होंने कहा, ”भाजपा हिंसा के बारे में बात कर रही है. लेकिन इस पार्टी (भाजपा) ने राज्य और नंदीग्राम के कुछ हिस्सों में हिंसा फैलाई है. टीएमसी की एक महिला कार्यकर्ता को भाजपा के ‘गुंडों’ ने पेड़ से बांध दिया और पीटा.” घोष ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नंदीग्राम में धरना दिया.