
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अडाणी समूह में निवेश करने वाली दो विदेशी कंपनियां वर्ष 2014 से भारतीय कर अधिकारियों के रडार पर रही हैं, लेकिन एक या दो नोटिस को छोड़कर कोई कार्रवाई नहीं की गई. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि अडाणी समूह से जुड़े मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित कर जांच कराए जाने की जरूरत है.
रमेश ने एक खबर का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया है कि मॉरीशस की कम से कम दो ऐसी कंपनियां पिछले एक दशक से भारतीय कर अधिकारियों के रडार पर रही हैं जिन्होंने अडाणी समूह में निवेश किया था तथा उनका उल्लेख शॉर्टसेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में था.
उन्होंने कहा, ”यह बिल्कुल चिर-परिचित तरीका है. ऐसा लगता है कि अडाणी से जुड़े विदेशी फंड 2014 से भारतीय कर अधिकारियों के रडार पर रहे हैं, लेकिन एक या दो नोटिस छोड़कर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद से कांग्रेस लगातार अडाणी समूह पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा रही है. इस कारोबारी समूह ने सभी आरोपों को खारिज किया है.



