मोदी सरकार में अरबपति बने खरबपति, गरीब हुए कंगाल: खरगे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 26 Mar 2025 09:27 PM
मोदी सरकार में अरबपति बने खरबपति, गरीब हुए कंगाल: खरगे
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नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार में आर्थिक असमानता इतनी भयावह स्तर पर है कि अरबपति, खरबपति बन चुके हैं और गरीब, कंगाल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बीच सरकार ”सबका साथ, सबका विकास” का ढिंढोरा पीटती फिर रही है.” खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पिछले 78 वर्षों से किसी सरकार ने आम जनता को आर्थिक रूप से इतना कमज.ोर नहीं किया, जितना मोदी सरकार ने किया है. आर्थिक असामनता भयावह स्तर पर है. अरबपति, खरबपति बन चुके हैं, (और) गरीब, कंगाल हो रहे हैं. ब्रिटिश-राज के दौरान 1820 में मध्यम वर्ग की आमदनी की जो स्थिति थी, वही (स्थिति) आज हो गई है.”

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के आंकड़े बताते हैं कि भले ही वह कोई उन्नत डिग्री वाला व्यक्ति हो या कोई कुशल नौकरी कर रहा हो, फिर भी उसे दुनिया में सातवीं सबसे कम मजदूरी दी जाती है. खरगे ने दावा किया कि मजदूरी वृद्धि दर 2006 में 9.3 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 0.1 प्रतिशत रह गई है. उन्होंने आरोप लगाया, ”कर की मार, महंगाई और आर्थिक कुप्रबंधन से मध्यम वर्ग, ग.रीब और उपेक्षित वर्ग सिमट रहा है तथा मोदी सरकार ”सबका-साथ, सबका विकास” का ढिंढोरा पीटती फिर रही है.”

यदि समय रहते कदम उठाये जाते तो चौकसी जैसे लोग कभी विदेश नहीं भाग सकते : कांग्रेस सांसद गोहिल

राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस के सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने सरकार पर जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले पचास लोगों का 87 हजार करोड़ रूपये का कर्ज माफ करने आरोप लगाते हुए दावा किया कि यदि समय रहते मेहुल चौकसी जैसे व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाती तो वह कभी विदेश नहीं भाग सकते थे.

गोहिल ने बैंककारी विधियां (संशोधन) विधेयक, 2024 पर चर्चा करते हुए बैंकों के राष्ट्रीयकरण की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों के द्वार आम आदमी के लिए खोले थे. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री को इस बात की ओर ध्यान देना चाहिए कि केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, मूल बात उसके क्रियान्वयन पर है. उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सब समान होने चाहिए.

गोहिल ने कहा, ”जब उधर (सत्ता पक्ष में) रहेंगे तो चक्की पीसिंग-चक्की पीसिंग और जब इधर की तरफ आ जाएंगे तो पावर सीकिंग-पावर सीकिंग (सत्ता की तलाश) शुरू हो जाती है.” उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों में निदेशक कई वर्षों से काबिज हैं जबकि कानून के अनुसार वहां आठ साल से अधिक समय तक निदेशक के पद पर कोई व्यक्ति नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक का यह दायित्व है कि वह ऐसे मामलों में कदम उठाये.

कांग्रेस सदस्य ने गुजरात के कुछ सहकारी बैंकों का उल्लेख भी किया और मांग की कि वहां प्रशासक नियुक्त कर ऐसे निदेशकों को हटाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक ऐसे ही बैंक में वर्तमान सहकारिता मंत्री पूर्व में अध्यक्ष रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने 2024 तक जानबूझकर ऋण नहीं चुकाने वाले 50 लोगों के 87 हजार करोड़ रूपये के कर्ज माफ किए हैं. उन्होंने दावा किया कि ऋषि अग्रवाल और मेहुल चौकसी जैसे लोग भी इनमें शामिल हैं. गोहिल ने कहा कि आप विदेश भाग जाने वाले लोगों का कर्ज तो माफ कर देते हैं किंतु गरीब किसानों पर जुर्माना लगाते हैं. उन्होंने कहा कि यदि मेहुल चौकसी को समय रहते पकड़ लिया जाता तो वह कभी विदेश नहीं भाग सकता था.

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