असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने धुबरी जिले के चापर में अडानी पावर लिमिटेड के बड़े ताप बिजली संयंत्र की आधारशिला रखी। यह परियोजना करीब 48000 करोड़ रुपये की है और इसे पूर्वोत्तर भारत का अब तक का सबसे बड़ा बिजली प्रोजेक्ट माना जा रहा है। यह संयंत्र 3200 मेगावाट क्षमता का होगा। इसमें 800-800 मेगावाट की चार इकाइयां बनेंगी। संयंत्र अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित होगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक से बिजली उत्पादन ज्यादा कुशल होगा और आधुनिक पर्यावरण सुरक्षा उपाय भी लगाए जाएंगे। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से दिसंबर 2030 से चालू करने की योजना है।
शिलान्यास समारोह में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय प्रतिनिधि, उद्योग जगत के लोग और अडानी समूह के निदेशक जीत अदाणी मौजूद थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट असम के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि असम तेजी से पूर्वोत्तर का ऊर्जा केंद्र बन रहा है और कई बड़ी बिजली परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। सीएम ने आगे कहा कि चापर परियोजना पिछले साल फरवरी में हुए ‘एडवांटेज असम निवेशक सम्मेलन 2.0’ का सीधा परिणाम है। उस सम्मेलन के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बड़े प्रोजेक्ट राज्य में आने लगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 48000 करोड़ रुपये का यह निवेश असम में अब तक के सबसे बड़े एकल औद्योगिक निवेशों में से एक है।
उन्होंने कहा कि निर्माण शुरू होते ही बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। कंपनी और सरकारी अनुमानों के मुताबिक, निर्माण चरण में करीब 20000 लोगों को काम मिल सकता है। संयंत्र चालू होने के बाद करीब 5,000 स्थायी और संबंधित रोजगार के अवसर बन सकते हैं। स्थानीय ठेकेदार, सप्लायर, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर और छोटे व्यवसायों को भी इस परियोजना से फायदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि असम की बिजली मांग तेजी से बढ़ रही है। इस साल राज्य की अधिकतम बिजली खपत 3240 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। देश में बिजली मांग सालाना करीब 6 प्रतिशत बढ़ रही है, जबकि असम में यह बढ़ोतरी करीब 9 प्रतिशत बताई गई है। इसलिए राज्य को अपनी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र कोकराझार के सलाकाटी स्थित 800 मेगावाट वाले संयंत्र से चार गुना बड़ा होगा। इससे धुबरी जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े जिले के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। राज्य को एसजीएसटी राजस्व और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने का भी लाभ होगा।
इस मौके पर जीत अडानी ने कहा कि आज असम के लिए एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि अडानी पावर इस 3,200 मेगावाट परियोजना में 48,000 करोड़ रुपये लगाएगा। इससे घरों, व्यापार और उद्योगों को स्थिर और किफायती बिजली मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने असम की भौगोलिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य देश के लिए ‘बैटरी’ की तरह काम कर सकता है और भारत के भविष्य के विकास को रफ्तार दे सकता है। अडानी समूह के अनुसार, चापर संयंत्र असम में बिजली क्षेत्र के कुल करीब 63,000 करोड़ रुपये के निवेश का बड़ा हिस्सा है। इसमें 48,000 करोड़ रुपये इस ताप बिजली संयंत्र के हैं, जबकि करीब 15,000 करोड़ रुपये दो पंप्ड स्टोरेज प्लांट यानी जल भंडारण आधारित बिजली परियोजनाओं पर लगेंगे। इन दोनों परियोजनाओं की कुल क्षमता 2,700 मेगावाट बताई गई है। इन्हें अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के जरिए विकसित किया जाएगा।