नयी दिल्ली. भौतिक शास्त्र वैज्ञानिक अदिति सेन डे को क्वांटम सूचना एवं संगणना के क्षेत्र में किए गए कार्य के लिए वर्ष 2023 का ‘घनश्यामदास बिड़ला पुरस्कार’ दिए जाने की सोमवार को घोषणा की गयी. यह पुरस्कार देने वाले के.के. बिड़ला फाउंडेशन ने यहां जारी एक बयान में यह जानकारी दी. बयान के मुताबिक, 1991 में शुरू किया गया ‘घनश्यामदास बिड़ला पुरस्कार’ देश में रहकर अनुसंधान कर रहे 50 वर्ष या इससे कम आयु के वैज्ञानिकों की प्रतिभा को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है.
उसमें कहा गया है कि प्रोफेसर डे का चयन भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के प्रमुख प्रोफेसर आशुतोष शर्मा की अगुवाई वाले बोर्ड ने किया है. बयान में कहा गया है कि एक अक्टूबर 1974 को कोलकाता में जन्मी प्रोफेसर डे को पुरस्कार स्वरूप पांच लाख रुपये दिए जाएंगे. वह 2009 से प्रयागराज स्थित हरीश-चंद्र अनुसंधान संस्थान के भौतिकी विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं.
बयान के मुताबिक, डे ने क्वांटम गणना, क्वांटम संचार, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, मैनी-बॉडी क्वांटम प्रणाली और क्वांटम सूचना विज्ञान इंटरफेस पर शोध कार्य किया है तथा उनके 100 से अधिक शोध लेख पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं. उसमें कहा गया है कि वह 2018 में ‘शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार’ से सम्मानित होने वाली पहली महिला भौतिकी वैज्ञानिक हैं तथा 2022 में उन्हें भारतीय विज्ञान अकादमी तथा भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी का फैलो का चुना गया था.