राजकोट. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश में पिछले छह से सात दशक में हुए विकास से काफी तेज रफ्तार से उनकी सरकार में देश का विकास हो रहा है और जब दूसरों से उम्मीद खत्म हो जाती है तो उनकी गारंटी शुरू होती है. वह गुजरात के राजकोट, पंजाब के बठिंडा, उत्तर प्रदेश के रायबरेली, पश्चिम बंगाल के कल्याणी और आंध्र प्रदेश के मंगलगिरि में अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
मोदी ने यहां आयोजित समारोह में 48,000 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को सर्मिपत किया. इनमें 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 11,500 करोड़ रुपये की लागत वाली 200 से अधिक स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, ”मोदी की गारंटी वहां से शुरू होती है जहां से दूसरों से उम्मीद खत्म होती है.” उन्होंने कहा कि विकास की रफ्तार को देखते हुए देश भी यही कह रहा है.
उन्होंने कहा, ”आजादी के 50 साल बाद तक देश में केवल एक एम्स था और वो भी दिल्ली में. आजादी के बाद के सात दशक में केवल सात एम्स को मंजूरी दी गई लेकिन ये भी कभी पूरे नहीं हुए.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”लेकिन अब केवल 10 दिन में सात नए एम्स का उद्घाटन किया गया या आधारशिला रखी गई. इसलिए मैं कह रहा हूं कि हम देश में पिछले छह से सात दशक में हुए विकास से काफी तेज रफ्तार से देश का विकास कर रहे हैं. हम नागरिकों के चरणों में इन्हें सर्मिपत कर रहे हैं.” मोदी ने कहा कि पहले विभिन्न राज्यों के लोग केंद्र सरकार से अपने इलाकों में एम्स की मांग करते-करते थक जाते थे, जबकि आज एक के बाद एक एम्स जैसे चिकित्सा संस्थान और आधुनिक अस्पताल खुल रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने बड़ी संख्या में एम्स स्थापित करने की अपनी गारंटी पूरी की है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 10 एम्स को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा, ”मैंने उत्तर प्रदेश के रायबरेली को एम्स की गारंटी दी थी. कांग्रेस के राजपरिवार ने रायबरेली में केवल राजनीति की, जबकि काम मोदी ने किया.” प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में लाए गए बदलावों के कारण भारत कोविड-19 महामारी को हराने में कामयाब रहा.
उन्होंने कहा, ”दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य क्षेत्र कैसा होना चाहिए और विकसित भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर क्या होगा इसकी एक झलक आज राजकोट में हमें देखने को मिली.” मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने गांवों में एक लाख से अधिक ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ खोलकर एम्स और मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के नेटवर्क में अभूतपूर्व विस्तार किया है, और एक दशक पहले मेडिकल कॉलेजों की संख्या 308-309 थी जो अब बढ.कर 706 हो गई है.
उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान एमबीबीएस और मेडिकल स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 50,000 और 30,000 से बढ.कर क्रमश? एक लाख और 70,000 से अधिक हो गई है. प्रधानमंत्री ने कहा, ”हमने पोषाहार, योग, आयुष और स्वच्छता पर ध्यान दिया है ताकि रोगों को रोका जा सके.” मोदी ने कहा कि इस तरह के प्रयासों के तहत महाराष्ट्र और हरियाणा में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के दो अस्पतालों तथा अनुसंधान केंद्रों का उद्घाटन किया गया है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों और मध्यम वर्ग को गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा उपचार दिलाने के लिए सतत प्रयासरत है. मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों के एक लाख करोड़ रुपये बचाने में मदद की है, वहीं 80 प्रतिशत छूट पर दवाएं मिलने से गरीबों और मध्यम वर्ग को 30,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों को 70,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सस्ते डेटा ने प्रत्येक मोबाइल फोन उपयोगकर्ता को हर महीने 4,000 रुपये बचाने में मदद की है, और कर सुधारों ने करदाताओं को 2.5 लाख करोड़ रुपये बचाने में मदद की है.